नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन तेज है। विपक्षी पार्टियों से लेकर यूनिवर्सिटीज के छात्र तक नागरिकता संशोधन के खिलाफ सड़क पर उतरे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली, बंगाल समेत यूपी के कुछ इलाकों से हिंसा और आगजनी की खबरें हैं। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने झारखंड की चुनावी सभा में हिंसा फैलाने वालों की ओर इशारा किया और कहा कि ‘ये आग लगाने वाले कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है।’
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार यानी 15 दिसंबर को झारखंड के दुमका में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। चुनावी रैली के दौरान अपने भाषण में पीएम मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र किया और प्रदर्शन के दौरान आगजनी की घटनाओं के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुमका की चुनावी सभा में कहा, ‘ये कांग्रेस और उसके साथी हो-हल्ला मचा रहे हैं, तूफान खड़ा कर रहे हैं। उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं। ये जो आग लगा रहे हैं, टीवी पर जो उनके दृश्य आ रहे हैं, ये आग लगाने वाले कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है।’
इसके अलावा, नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर हिंसा को तूल देने का कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि विपक्ष की हरकतों से यह साबित हो गया है कि इस विधेयक को पारित करना ‘हजार प्रतिशत’ सही था। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नागरिकता कानून को लेकर आग भड़का रहे हैं लेकिन पूर्वोत्तर के लोगों ने हिंसा को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने जब ये बातें कहीं, तब नागरिकता कानून के खिलाफ में दिल्ली के जामिया, अलीगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, गुवाहाटी समेत पूर्वोत्तर के इलाकों में प्रदर्शन हो रहा था। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, हावड़ा में बसों और स्टेशन पर आगजनी की खबरें थीं। इसकी वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इतना ही नहीं, गुवाहाटी, डिब्रुगढ़, समेत असम के कई जिलों में कर्फ्यू लगी थी और इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया गया था।
