नवागढ़/बेमेतराहम अनाजों से एथेनॉल पेट्रोल बनाने की योजना बना रहे हैं। जिससे अनाजों की कीमत बढ़ेगी। इसके लिए फैक्ट्री डाला जाएगा, जहां गन्ने के रस से सीधा एथेनॉल बनेगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गति अभी धीमी है लेकिन आगामी वर्ष में काफी तेज गति से सड़क निर्माण होगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य स्तरीय गुरु घासीदास जयंती एवं पंथी नृत्य स्पर्धा के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कहीं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा तथा चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री का आगमन का समय से थोड़े विलंब में हुआ, नवागढ़ पहुंचते ही मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे जैतखाम की ओर रवाना हुए। जहां उन्होंने जैतखाम पर पूजा के पश्चात सफेद ध्वज चढ़ाया, जिसके पश्चात मुख्यमंत्री हाई स्कूल मैदान नवागढ़ स्थित मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। नवागढ़ विधायक गुरुदयाल बंजारे ने मुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का सफेद पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक बंजारे के स्वागत भाषण के साथ हुआ।
सर्दी से परेशान बैठे हुए गले के साथ मुख्यमंत्री ने अपना उद्बोधन दिया। बघेल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास के बारे में हम जितनी चर्चा करें वह कम ही है। छत्तीसगढ़ वह पावन भूमि है जहां बाबा घासीदास और संत कबीरदास जैसे महान संतों ने जन्म लिया और उनकी उपदेशों को महात्मा गांधी ने पहचाना और देश को आजादी दिलाई। बघेल ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ को पलायन वाला राज्य के नाम से जाना जाता था, विगत एक साल में छत्तीसगढ़ धान एवं तेंदूपत्ता की सबसे अधिक कीमत देने वाला राज्य बन गया है। आज छत्तीसगढ़ की सरकार गरीबों की सरकार है जो संपन्नता और समृद्घि की ओर अग्रसर है।
केंद्रीय मंत्रियों ने किया अनदेखा
उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र राज्य का विकास रोकने का कार्य कर रही है। धान खरीदी के मुद्दे पर हमने दिल्ली जाकर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं खाद्य मंत्री के समक्ष बात रखी परंतु उन्होंने इसे अनदेखा किया। लेकिन राज्य सरकार किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। हमने वरिष्ठ मंत्रियों की एक कमेटी का गठन किया है जो किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य देने की योजना बनाएंगे। राज्य में यह पहला वर्ष बीता है, जहां किसी किसान ने कर्ज के नाम से आत्महत्या नहीं की है। धान खरीदी के विषय में किसी किसान को चिंता नहीं करनी चाहिए। हम 15 फरवरी के बाद भी धान की खरीदी करेंगे।
आदिवासी महोत्सव में दिखा मनखे-मनखे एक समान
गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने हास्य व्यंग्य पूर्ण उद्बोधन दिया उन्होंने कहा कि विगत आदिवासी नृत्य महोत्सव में उन्होंने विभिन्न देशों से आए लोगों को देखा जहां सभी की बनावट एक जैसी थी, जिससे बाबा की मनखे- मनखे एक समान वाली कहावत की सार्थकता सिद्घ होती है।
पहला बजट किसानों को
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने अपने ओजपूर्ण उद्बोधन में कहा की छत्तीसगढ़ शांति का टापू है क्योंकि यहां बाबा गुरु घासीदास जैसे महान संतों ने जन्म लिया है। उन्होंने भाजपा के 15 वर्षीय शासन पर कहा कि उन्होंने केवल राज्य के धन का दुरुपयोग किया है। वहीं कांग्रेस ने राज्य बजट में पहला स्थान किसानों को दिया।
सीएम ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
विधायक गुरूदयाल बंजारे ने स्वागत भाषण के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में आकर इसकी गरिमा बढ़ाई है, मैं उनका हृदय से आभारी हूं। तीन दिवसीय इस आयोजन का समापन अवसर पर जिसमें बड़ी संख्या में अंचल एवं आसपास के जिलों के पंथी दलों एवं लोगों ने अपनी सहभागिता दिखाई। आयोजन समिति की ओर से मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री को पगड़ी बनाकर स्वागत किया गया। नगर पंचायत नवागढ़ के नवनिर्वाचित पार्शदों ने विषाल फूल माला से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुंगली ने जीता प्रथम पुरस्कार
मुख्यमंत्री बघेल ने घोषणा किया कि नवागढ़ में राज्य स्तरीय गुरु घासीदास जयंती एवं पंथी प्रतियोगिता इसी भव्यता से आगे भी जारी रहेगी। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एक लाख 51 हजार ग्राम खुड़िया मुंगेली को द्वितीय स्थान एक लाख दस हजार ग्राम चारभाठा बेमेतरा को एवं तीसरा स्थान 75 हजार ग्राम उतई पाटन को मिला। समारोह में कलेक्टर शिखा राजपूत, प्रदेश सचिव विजय बघेल, जिलाध्यक्ष अवनीश राघव, ब्लॉक अध्यक्ष शक्तिधर दीवान, सुरेंद्र तिवारी, जावेद खान, ज्ञानदास रात्रे, बिसौहाराम साहू, रितेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
सीएम ने कहा
– राज्य सरकार ने सत्य का मार्ग पर चल किसानों को वायदा किया पूरा
– हमारी सरकार आने के बाद किसी किसान ने कर्ज में आत्महत्या नहीं की
– पूरे भारत में धान का सबसे ज्यादा कीमत देने वाला राज्य बना छत्तीसगढ़
– हमारे राज्य में किसान, मजदूर, अजा, अजजा और युवा सभी खुशहाल है
– सभी किसानों को 25 सौ रुपये दर की किया जाएगा धान का भुगतान
तेंदूपत्ता श्रमिकों को 4000 रुपये प्रति मानक बोरा से हो रहा भुगतान
