दुर्ग : हेलमेट लगाएं ट्रिपल सवारी न चलाएं वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें : स्पीड पर नियंत्रण रखें तो कम होगीं दुर्घटनाएं

संभागायुक्त श्री दिलीप वासनीकर और आईजी श्री विवेकानंद सिन्हा ने दिलाई सड़क सुरक्षा की शपथ

दुर्ग 16 जनवरी

आप सभी उत्साही हैं जोश से भरे हैं। आप ही कंधे में देश का भविष्य टिका है। इसे जितना कुशलता से सहेजेंगें, उतने ही देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आप आगे बढेंगे। बस जरा सा एक काम करना है आपको हेलमेट लगाना है और ट्रिपल सवारी नहीं चलानी है। यह संदेश संभागायुक्त श्री दिलीप वासनीकर एवं आईजी श्री विवेकानंद सिन्हा ने युवाओं को बी.आई.टी. स्थित सभागार में दिया। संभागायुक्त श्री वासनीकर ने कहा कि थोड़ी सी सजगता आपके जीवन को बचा सकती है। अधिकतर दुर्घटनाएं हेल्मेट नहीं पहनने की वजह से घटती है। साथ ही स्पीड बढ़ा देने से भी घटती है। ट्रेफिक के संबंध में लागों को सजग करने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन आपको एक जागरूक नागरिक बनाता है तथा कर्तव्यशील भी बनाता है। लोकतंत्र में अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों की भी बात की गई है। हम जितना कानून के पालन के प्रति सजग होंगे। देश में उतने ही बेहतर तरीके से व्यवस्था का संचालन हो सकेगा। इस मौके पर आईजी. श्री विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि यातायात जगरूकता के साथ ही हम सुरक्षा संस्कार के बारे में भी बता रहे हैं। यह सुरक्षा संस्कार क्या है? यह छोटी-छोटी सावधानियां हैं जिन्हें लोग कभी-कभी बरतना भूल जाते हैं। जैसे कभी-कभी जेब्रा क्रासिंग होने पर भी उसका उपयोग नहीं करना। वाहनों में हॉर्न हेड लाईट व पार्किंग लाईट का उपयोग नहीं करना, बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाना, वाहनों में ओवर लोडिंग की वजह से भी दुर्घटनाएं होती हैं। आप लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग ने 112 की सुविधा दी है। आपके साथ किसी भी तरह से अभद्र व्यवहार होता है अथवा आप कोई अस्वभाविक घटना देखते हैं तो इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं। आपके पास पुलिस शीघ्रता शीघ्र आएगी। कार्यक्रम में संभागायुक्त और आईजी ने यातायात सुरक्षा संस्कार कार्यक्रम के दौरान की गई गतिविधियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के दौरान बी.आई.टी. के प्रधानाचार्य श्री प्रशांत एव ंबी.आई.टी कॉलेज के छात्र-छात्रएं मौजूद थे।
5 प्रतिशत स्पीड घटाएंगे दुर्घटना घटेगी 30 प्रतिशत तक- कार्यशाला में बताया गया कि गति के नियंत्रण से दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण रखा जा सकता है। केवल 5 प्रतिशत स्पीड घटाने से दुर्घटना की आशंका 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इस अवसर पर विडियो के माध्यम से दिखाया गया कि किस प्रकार से मामूली असावधानी बरतने से गंभीर दुर्घटना घट जाती है।

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