इस मंत्र का उच्चारण कर शरीर पर लगाए होली की भस्म, नहीं होगी कोई बीमारी

होली का पर्व सभी पर्वों में ख़ास कहा जाता है क्योंकि यह पर्व रंगों का पर्व माना जाता है और इस दिन सभी एक दूजे संग दुश्मनी को भुलाकर होली का जश्न मनाते हैं। ऐसे में इसके एक दिन पहले होलिका दहन का उत्सव मनाया जाता है और इस दिन होलिका दहन किया जाता है। ऐसे में कहते हैं कि मात्र एक मंत्र है जिसके जप से होली पर पूजा की जाती है और इसी शुभ मं‍त्र से सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खोले जा सकते हैं। जी हाँ, आज हम आपको उसी मन्त्र को बताने जा रहे हैं।

मंत्र – अहकूटा भयत्रस्तै:कृता त्वं होलि बालिशै: अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम:

कहा जाता है इस मंत्र का उच्चारण एक माला, तीन माला या फिर पांच माला विषम संख्या के रूप में करना चाहिए। इसी के साथ अगर आप सुख-समृद्धि चाहते हैं तो होली की बची हुई अग्नि और भस्म को अगले दिन प्रात: घर में ले आए। कहा जाता है ऐसा करने से अशुभ शक्तियों से घर को बचाने में सहयोग मिलता है तथा इस भस्म का शरीर पर लेपन भी किया जाता है। क्योंकि इससे भी महलाभ होता है। अगर आप भस्म का लेपन कर रहे हैं तो उस समय निम्न मंत्र का जाप करना कल्याणकारी रहता है-

वंदितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च।

अतस्त्वं पाहि मां देवी! भूति भूतिप्रदा भव।।

इस तरह से आप खुद को निरोगी रख सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *