300 से अधिक लोग बाहर से दंगा करने आए…दिल्ली हिंसा पर अमित शाह ने दिया सदन में जवाब

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आज दिल्ली हिंसा पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। उन्होने कहा कि 25 फरवरी की रात 11 बजे के बाद से रिकॉर्ड के मुताबिक कोई भी हिंसा की घटना नहीं हुई। अमित शाह ने संसद में बताया कि घनी आबादी के चलते उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं जा पाती हैं। उन्होंने कहा कि यह इलाका यूपी के बॉर्डर से भी जुड़ा हुआ है। गृहमंत्री ने कहा कि 300 से ज्यादा लोग यूपी से उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हिंसा करने के लिए आए थे।

गृहमंत्री ने दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों को श्रृद्धांजलि दी और 36 घंटे के अंदर हिंसा को शांत करने में सफल रहने के लिए दिल्ली पुलिस की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि स्वयं मैंने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा इसलिए नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से पुलिस मेरे साथ-साथ लगी रहती। उन्होंने कहा कि 24 तारीख की रात को ही यूपी का बॉर्डर (UP Boarder) सील कर दिया गया था। यह काम सबसे पहले किया गया।

उन्होने कहा कि ’27 फरवरी से अभी तक 700 लोगों पर दर्ज की गई FIR’गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि 24 फरवरी को 40, 25 फरवरी को 50 और 26 फरवरी से 80 कंपनियां तैनात उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तैनात हैं। अभी तक वे कंपनियां वहीं तैनात हैं। गृहमंत्री ने बताया कि इस हिंसा में हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके गुनाहगारों को भी पकड़ने की कार्रवाई भी जारी कर दी गई है।

उन्होंने ओवैसी के एक ही समुदाय के 1100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किए जाने की बात का जिक्र करते हुए कहा कि 27 फरवरी से आज तक 700 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 2647 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। गृहमंत्री अभी अपना जवाब पूरा नहीं कर पाए थे कि कांग्रेस के नेता सदन से वॉकआउट कर गए।

इसके बाद भी गृहमंत्री ने अपनी बात जारी रखते हुए अंकित शर्मा की हत्या का जिक्र किया और कहा कि इसका एक वीडियो एक नागरिक ने भेजा है और उसका भेद उसी वीडियो से सामने आने वाला है। उन्होंने कहा कि फेस आइडेंटिफिकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए 1100 लोगों की शिनाख्त की गई है, उन्होंने यह भी कहा है कि इन लोगों की गिरफ्तारी करने के लिए 40 टीमें लगी हुई हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरी कोशिश नरेन्द्र मोदी सरकार की है कि किसी निर्दोष को कोई सजा न हो, दो टीमें सीरियस अपराधों की जांच भी कर रही हैं, उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा की फाइनेंसिंग करने वाले तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि एक षड्यंत्र का मामला भी दर्ज किया गया है क्योंकि इतने कम समय में इतनी बड़ी प्लानिंग नहीं की जा सकती, उन्होंने कहा कि दंगों के पीछे गहरी साजिश थी। उन्होंने शाहीन बाग का जिक्र करते हुए कहा कि यहीं से घटनाओं की शुरुआत हुई।

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