नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 2000 के करीब पहुंच गए हैं. देश भर में दिल्ली (Delhi) के निजामुद्दीन (Nizamuddin) में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) की मरकज (Markaz) में शामिल हुए 400 लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों का आंकड़ा अचानक बढ़ गया है. इन हालातों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तबलीगी गतिविधियों में शामिल हुए करीब 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जानकारी दी गई कि गृह मंत्रालय द्वारा पर्यटक वीजा पर तब्लीगी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के कारण 960 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है और साथ ही उनका भारतीय वीजा भी रद्द कर दिया गया है.
गृह मंत्रालय की ओर से किए गए एक अन्य ट्वीट में बताया गया- गृह मंत्रालय द्वारा तब्लीगी जमात, निजामुद्दीन के मामले में दिल्ली पुलिस और अन्य सम्बंधित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को विदेशी अधिनियम, 1946 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए 960 विदेशियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाई करने के निर्देश दिए हैं.
इससे पहले गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि तबलीगी जमात केस में करीब 900 तबलीगी कार्यकर्ताओं और उनके साथ में रहने वाले लोगों को संपर्क किया जा रहा है. उन सभी को क्वॉरंटाइन में भेजा जा रहा है. इसमें से 1306 विदेशी नागरिक हैं.
1804 लोग क्वॉरंटीन में भेजे गए
केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के ऐसे करीब 2000 सदस्यों में से 1804 को पृथक (क्वॉरंटीन) केंद्रों में भेज दिया गया है जबकि लक्षण वाले 334 सदस्यों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में तबलीगी जमात के सदस्यों की पहचान के लिए राज्यों के साथ गृह मंत्रालय के “पुरजोर प्रयासों” के कारण यह संभव हो सका. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ऐसे लोगों में 250 विदेशी हैं.
9000 लोगों को किया गया पृथक
श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, ‘‘गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के साथ मिलकर पुरजोर प्रयास किया और तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों की पहचान कर उन्हें पृथक किया. इनमें से 1306 लोग विदेशी हैं.’’
लॉकडाउन पर नजर रख रहा गृह मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च को 21 दिनों के बंद की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय देश में जारी बंद पर नजर रख रहा है और गृह सचिव (अजय भल्ला) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि ‘‘लॉकडाउन का पूर्णत: पालन किया जाना चाहिए.’’
श्रीवास्तव ने कहा कि आपदा के समय सही सूचना दिए जाने की ‘‘सख्त जरूरत’’ है और फर्जी सूचना या अफवाह से भय का माहौल पैदा हो सकता है इसलिए गृह सचिव ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपने समकक्ष से आग्रह किया था कि एक वेबपोर्टल बनाया जाए जहां लोग कोविड-19 के बारे में सही स्थिति, खबर की पुष्टि कर सकें.
उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने महानिदेशक स्तर के अधिकारी की देखरेख में एक विशेष इकाई का गठन किया है जहां लोग मेल भेजकर अपने संदेह दूर कर सकते हैं और खबरों की पुष्टि कर सकते हैं.
