सोलन: दुनियाभर में कोरोना का खौफ बढ़ता देश भारत सरकार ने लॉकडाउन का निर्णय कर लोगों को सुरक्षित कर लिया है. जंहा इस पहल के चलते काफी हद तक इस वायरस के निजात देखने को मिला है,लेकिन अब भी कई ऐसे संस्थान है जंहा कुछ कर्मचारी अपनी रोजी रोटी के लिए कार्य कर रहे है. जिसके कारण उनमे कोरोना वायरस फैलने का खतरा अधिक होता जा रहा है. वहीं कोरोना संकट के बीच बद्दी के उद्योग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. हिमाचल में कर्फ्यू के एलान के साथ सरकार ने साफ किया था कि सभी गैर जरूरी श्रेणी में शामिल औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन रोक दिया जाएगा. बावजूद इसके हेलमेट निर्माता कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे. नियमित रूप से 22 कर्मचारी ड्यूटी पर थे. अब कोरोना का साया इन कर्मचारियों पर भी मंडरा रहा है. प्रशासन इनकी हिस्ट्री खंगाल रहा है. ये ड्यूटी के बाद घर गए या कितनों से मिले, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. उद्योग के कर्मचारियों के अलावा निजी अस्पताल का स्टाफ जहां महिला का उपचार हुआ, उसकी भी जांच हो रही है.
मिली जानकारी के अनुसार निजी अस्पताल में 30 मार्च के बाद हिल व्यू सोसायटी के चार लोगों के उपचार के लिए आने की पुष्टि होते ही प्रशासन ने सोसायटी को सील कर दिया है. अब हर उस सिरे को तलाशा जा रहा है, जो कोरोना से मरने वाली महिला या परिवार के अन्य सदस्यों के संपर्क में आए हैं. प्रशासन ने लंबी सूची बनाई है. इसमें संक्रमित महिला के परिवार सहित करीब 50 लोग शामिल हैं. सूची में सबसे पहले दिल्ली निवासी दो चालकों के नाम हैं. ये इन परिवारों को दिल्ली से बद्दी लाए थे. एक चालक 20 से 22 मार्च के बीच अपने कपड़े लाने वापस दिल्ली गया था. उत्तर प्रदेश निवासी सफाई कर्मी, दो रसोइये, तीन अन्य, उद्योग में तैनात सुरक्षाकर्मी, बरोटीवाला के रहने वाले दो अन्य चालक नियमित रूप से अपने घर से उद्योग तक आवाजाही कर रहे थे. निजी अस्पताल की नर्स व अस्पताल में उपचार के लिए आए सोसायटी के लोग शामिल हैं.
