एंबुलेंस की जिस आवाज पर जिंदगी की दुआ में हजारों हाथ उठते थे….कोरोना संकट में लोगों ने आज उसी एंबुलेंस को कुछ लोग लॉकडाउन में आवाजाही का जरिया बना लिए हैं। जिंदगी की रफ्तार थम गयी है…लेकिन आपकी सांसें ना थमे, इसलिए सरकार ने एंबुलेंस पर ब्रेक नहीं लगाया, लेकिन कुछ लोग सरकार के इस नेक इरादे का बेजा इस्तेमाल करने में जुट गये हैं। बस्तर एसपी और कलेक्टर ने खुद एक ऐसे एबुंलेंस को पकड़ा है, जो मरीज के बजाय तंदुरुस्त इंसानों को सैर कराने निकल पड़ा था।
पूरा मामला बस्तर जिले के दरभा थानाक्षेत्र का है , जहाँ लॉक डाउन का जायजा लेने बस्तर एसपी दीपक झा और बस्तर कलेकटर अय्याज तम्बोली अपनी गाड़ी से दरभा की ओर जा रहे थे। तभी केशलूर रेलवे फाटक के पास उन्हें एक एम्बुलेंस नजर आई। मरीज के मद्देनजर जब ड्राइवर से अफसरों ने पूछा तो ड्राइवर की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गयी। हड़बड़ी में वो कुछ से कुछ बताने लगा। अफसरों को संदेह हुआ तो सख्ती से पूछताछ शुरू की। जिसके बाद उसने पूरी हकीकत सामने रख दी। ड्राइवर ने बताया कि एम्बुलेंस सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में सेवा देती है पर इसमें कोंटा से जगदलपुर किसी सवारी को छोड़ने गया था।
