रायपुर. कोविड-19 (Covid-19) के फैलाव को रोकने दो चरणों में पूरे देश भर में लॉकडाउन (Lockdown) लागू किया गया. लॉकडाउन के बाद लोग जहां थे वहीं फंस गए. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य के लोग, मजदूर हों या अन्य वर्ग के लोग बड़ी संख्या में दिगर प्रांत जाते हैं. वहीं अन्य प्रांत के लोग भी औद्योगिक राज्य छत्तीसगढ़ आकर जीविका चलाते हैं. राज्य के मजदूर दिगर राज्य में और अन्य प्रांत के मजदूर, कामगार छत्तीसगढ़ में फंसे हुए हैं. अब राज्य के मजदूरों को लाने की योजना सीएम भूपेश बघेल के आदेश के बाद बनाई जा रहह है. श्रम आयुक्त ने इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया है.
छत्तीसगढ़ के 1 लाख 8 हजार 315 मजदूर 21 राज्यों और 4 केन्द्र शासित प्रदेशों में ही फंसे हुए हैं. वहीं अन्य राज्य के मजदूर भी छत्तीसगढ़ में फंसे हैं, जिन्हें राहत शिविर में राज्य सरकार विशेष सुविधाएं दे रही है. सीएम भूपेश बघेल के आदेश के बाद श्रम विभाग इन मजदूरों को लानें तैयारी तेज करते हुए 28 जिलो के कलेक्टरों को पत्र लिखा है. सचिव सह श्रम आयुक्त सोनमणी बोरा ने न्यूज 18 से खास बात-चीत में कहा कि तीन अलग अलग श्रेणी के कामगार दिगर प्रांत जाते हैं. जनप्रतिनिधियों अन्य सूचनाओं के आधार पर 2 लाख 79 हजार 38 मजदूरों को सीधे तौर पर श्रमिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया है. श्रम विभाग को अब तक 9054 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमें 8882 सूचनाओं का निराकण किया गया. राज्य के सभी 28 जिलों में हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किया गया है. जिलेवार जानकारी मंगा कर राज्यों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है. ताकि उनकी वापसी हो जाए.
कहां के कितने मजदूर फंसे?
राज्य के कुल 1 लाख 8हजार 315 मजदूरों की फंसे हैं. सबसे ज्यादा श्रमिक जम्मू कश्मिर में-25207 फंसे हैं. महाराष्ट्र में 20176 मजदूरों होनें सूचना सरकार के पास है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में 13837, तेलंगाना में 15094, गुजरात 9584, केरल में 518, बिहार 242 सहित कई राज्यों में मजदूर फंसे हुए हैं. जांजगीर जिले के सबसे अधिक 28029 मजदूर फंसे है. दूसरे नम्बर पर बलौदाबाजार के 20444, राजनांदगांव के 9567 मजूदर और सबसे कम धमतरी जिले के 162 लोगों के फंसे होने की सूचना है.
31 हजार कामगारों के खाते में 37 करोड़ डाला गया
श्रम आयुक्त सोनमणी बोरा ने बताया कि अलग अलग उद्योगो में काम करनें वाले कामगारों की समस्या वेतन को लेकर मिल रही थी. 31 हजार कामगारों के खाते में 37 करोड का भुगतान कराया गया है. साथ ही उद्योगों के संचालकों को सरकार और श्रम विभाग ने सख्त आदेश जारी किया था कि किसी भी कामगारों को नौकरी से ना निकाला जाय ना ही वेतन काटा जाए.
घर वापसी को बेचैन
अन्य राज्यों के मजदूर अपने अपने साधनों से पैदल और साइकल से अपने राज्य तक जा रहें हैं. राज्य के कामगारों को सरकार के पहल के बाद घर आने की आस जग गई है. दूसरे राज्यों से अपने राज्य आने वाले मजदूरों श्रमिको को चेक पोस्ट में ही जांच होगी. संदिग्धों को मौके पर ही या क्वारंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा. जांच के बाद ही राज्य में प्रवेश होगा.
