संक्रमण का खतरा टला नहीं, फिर भी छत्तीसगढ़ के 25 जिलों को ग्रीन जोन में क्यों रखा

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singhdev) ने केन्द्र सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण (Covid-19) के मामलों के आधार पर जिलों के लिए जारी जोन पर सवाल उठाए हैं. मंत्री सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ के 25 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल करने पर हैरानी जताई. मंत्री सिंहदेव ने कहा- ‘मेरे हिसाब से हर जिले को येलो जोन मानना चाहिए. गलत एहसास लोगों को नहीं होना चाहिए कि ग्रीन जोन हो गया तो सब सही है. सरकार ने जो ग्रीन, ऑरेंज, रेड की परिभाषा दी है और आज जो जोन की लिस्ट जारी हुई है, उसमें असमंज सी स्थिति हो गई है.’

मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा- ,रायपुर में नए केस नहीं आए फिर भी यहां रेड जोन दे दिया है. कोरबा में मरीजों को ठीक हुए 14 दिन भी नहीं हुए हैं. फिर भी वहां को रेड जोन नहीं रखा है. कटघोरा अभी भी सील है. दिल्ली में जो रंग दे रहें है, क्या सोंच कर रंग दिया है मै भी नहीं समझ पा रहा हूं. किस आधार पर रंग दे रहे  है क्लीयर गाइड लाइन होनी चाहिए. अलग अलग मामदण्ड से कन्फ्यूजन होता है. कोरोना से समय एक ही मापदण्ड होना चाहिए.,

ट्रेन से लाए जाएं मजदूर
मंत्री टीएस सिंहदेव ने मजदूरों को एक गंतव्य से दूसरे गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पत्र लिखा गया है. नॉन स्टॉप ट्रेन चलानें की मांग की गई है. यह विकल्प है. राज्यों पर ही मजदूरों की वापसी की जवाबदारी सौपी तो कन्फ्यूजन होगा. 100 बसों को ट्रेस करनें के बजाय एक ट्रेन को ट्रेस करना आसान होगा. बसों की अलग से व्यवस्था करना संक्रमण फैलने का खतरा होगा. ट्रेन से भेजना आसान होगा. 500 मजदूरों के लिए 20 बसें भेजना डॉक्टरों की टीम चालक, कई तरह की व्यवस्था करनी पड़ती है, मगर रेल मार्ग आसान है.

रायपुर रेड जोन में

बता दें कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी सूची में छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर को ऑरेंज जोन से बाहर कर रेड जोन में शामिल किया गया है. राज्य में सर्वाधिक मरीज कोरबा जिले से आए उसे रेड से हटाकर ऑरेंज जोन में शामिल किया गया है. इसके अलावा सभी 25 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है. जबकि नए जिले गौरेला पेंड्रा मारवाही को सूची में शामिल नहीं किया गया है.

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