रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मजदूरों की वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के निर्देश पर अब लाॅकडाउन (Lockdown 3.0) के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों की वापसी के प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेजी से किए जा रहे हैं. राज्य शासन द्वारा प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेनों के साथ ही बसों की भी व्यवस्था की जा रही है. केंद्र सरकार की एडवायजरी के तहत मजदूरों की वापसी के बाद उन्हें क्वारंटाइन में रखने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) भी बनाए गए हैं. यहां प्रवासी मजदूरों के ठहरने, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित जाएगी.
अब सरकार कर रही ऐसी व्यवस्था
दरअसल, औरंगाबाद के मजदूरों के साथ हुए हादसे के बाद छत्तीसढ़ ने सीख लेते हुए ट्रेन और बसों की व्यवस्था करनी शुरू कर दी है. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में किए गए लाॅकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के करीब सवा लाख मजदूर जो दूसरे राज्यों में काम के लिए गए थे, वो वहीं पर फंसे हुए हैं. इन मजदूरों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 28 विशेष ट्रेन की मांग की है. साथ ही मजदूरों के यात्रा खर्चा भी राज्य सरकार द्वारा वहन करने की बात की है.
के निर्देश पर राज्य के परिवहन सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह ने रायपुर के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को छत्तीसगढ़ के 8 स्टेशन बिलासपुर, चांपा, विश्रामपुर, जगदलपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में श्रमिकों की स्पेशल ट्रेनों के स्टॉपेज को प्रस्तावित किया है. इन स्टेशनों पर श्रमिकों को रेल मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार होल्डिंग एरिया में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और उन्हें गतंव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों के सहयोग से मजदूरों की वापसी पर उन्हें क्वारंटाइन में रखने के लिए सामुदायिक भवन, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों में आवश्यक व्यवस्था की गई है.
