रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण के संकट और लॉकडाउन (Lockdown) के बीच नमक (Salt) को लेकर हाहाकार मच गया. आलम ये था कि 4 गूना ज्यादा दाम पर नमक बेचे गए. बीते 10 मई को नमक को लेकर एक अफवाह उड़ी कि प्रदेश में नमक का स्टॉक समाप्त हो गया है. सिर्फ दुकानों में ही नमक बचे हैं. लॉकडाउन के कारण नमक की सप्लाई रूक गई है. इस अफवाह से लोगों में हड़कंप मच गया और नमक खरीदने लोगों की भीड़ दुकानों में इकट्ठा होने ली. राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ और अम्बिकापुर में स्थिति ज्यादा खराब रही.
नमक को लेकर मचे हाकाकार को लेकर सरकार ने आनन फानन में छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी. प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा बताया गया कि राज्य शासन के नापतौल विभाग द्वारा 11 मई को राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ और अम्बिकापुर जिले की 276 संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया. नापतौल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग के दो संस्थानों में नमक के पैकेट में उल्लेखित मूल्य के अधिक कीमत पर नमक बेचने वाले दो संस्थानों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है.
पर्याप्त मात्रा में नमक
नमक को लेकर मचे हाहाकर के बाद राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की. इसमें बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 56 लाख राशनकार्डधारियों को शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से नमक की निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. लॉकडाउन की परिस्थितियों में प्रदेश में खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति के साथ-साथ इनके बाजार मूल्योें की भी प्राईस मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से सतत् निगरानी की जा रही है. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य में नमक और अन्य सभी आवश्यक खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में एवं समूचित दरों पर खुले बाजार में आम उपभोक्ताओं के लिए सहज रूप से उपलब्ध हैं.
10 हजार टन की खपत
राज्य में खुले बाजार में लगभग 8 हजार टन से 10 हजार टन के बीच नमक की मासिक आवक होती है. लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों में भी खुले बाजार में नमक की उक्त आवक समान रूप से बनी हुई है. इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा नमक व अन्य खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी न हो, इसके लिए नाप-तौल विभाग, खाद्य विभाग व जिला प्रशासन के मैदानी अमले के माध्यम से आकस्मिक निरीक्षण कर निरंतर कार्यवाही की जा रही है.
