नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi) ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से ठप पड़ी अर्थव्यवस्था को रिवाइव करने के लिए मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की. यह दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा अब तक घोषित बड़े आर्थिक पैकेजों में से एक है. यह देश की जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर का राहत पैकेज है. यह राहत पैकेज चीन, इटली और ब्रिटेन द्वारा घोषित पैकेज से बड़ा है. पीएम मोदी ने कहा, यह पैकेज भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए घोषित किया जा रहा है.
दुनिया के बड़े राहत पैकेज में से एक
अब तक अमेरिका अपनी जीडीपी का 11 फीसदी और जापान 20 फीसदी से ज्यादा का पैकेज दिया है. जापान और अमेरिका के बाद स्वीडन ने जीडीपी का 12 फीसदी, जर्मनी ने 10.7 फीसदी के राहत पैकेज की घोषणा की है. भारत के बाद फ्रांस 9.3 फीसदी, स्पेन 7.3 फीसदी, इटली 5.7 फीसदी, ब्रिटेन 5 फीसदी, चीन 3.8 फीसदी, और दक्षिण कोरिया 2.2 फीसदी के राहत पैकेज दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस विशेष आर्थिक पैकेज में भूमि, श्रम, नकदी और कानून पर जोर दिया जाएगा. मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से विशेष आर्थिक पैकेज से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करेंगी. भारत सरकार की ओर से घोषित इस पैकेज में गरीबों के लिए अनाज उपलब्ध कराने तथा गरीब महिलाओं व बुजुर्गों को नकद मदद देने के लिए घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज और रिजर्व बैंक की तरफ से की जा चुकी घोषणाएं शामिल हैं.
मार्च के आखिर में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती के साथ विभिन्न सेक्टर्स के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने और इंडस्ट्री के लिए किश्तों के भुगतान में तीन माह की राहत जैसे उपायों की घोषणा की गई. सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा अब तक घोषित ये सभी उपाय 7.79 लाख करोड़ रुपये होता है.
नए नियमों के साथ 17 मई के बाद भी जारी रहेगा लॉकडाउन
पीएम मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में लॉकडाउन के चौथे चरण का संकेत दे दिया है . उन्होंने कहा कि चौथे चरण में नियम बदल जाएंगे. इसके लिए राज्यों से भी सुझाव मांगे गए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 मई से पहले देश को नए नियमों जानकारी दे दी जाएगी.
