कोरोना संकट के दौर में लॉकडाउन की बंदिशें क्या-क्या अंजाम नहीं दिखा रहीं। बरेली में बेरोजगारी से जूझता एक युवक भूखे बच्चों के लिए पत्नी के बार-बार पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मदद मांगने पर इस कदर आपा खो बैठा कि उसने पहले तो उसकी जमकर पिटाई की और जब पड़ोसियों ने उसके हाथ रोके तो गुस्से में तीन तलाक देकर बच्चों के साथ घर से निकाल दिया।
दोहरी मुसीबत में घिरी महिला ने फिलहाल मोहल्ले में ही अपनी बहन के घर शरण ली है। समाजसेवी निदा खान से भी मदद मांगी है। एजाज नगर गौटिया में रहने वाली एक युवती की शादी करीब दस साल पहले इलाके के एक युवक से हुई थी।
युवती ने बताया कि पति मेलों में झूले लगाने का काम करते हैं। वह उड़ीसा की रहने वाली हैं। दस साल पहले युवक उड़ीस में एक मेले में पहुंच था, वहां मुलाकात के बाद वह उसके साथ बरेली चली आई और यहां प्रेम विवाह कर लिया।
युवती के मुताबिक लॉकडाउन में धंधा ठप होने की वजह से परिवार पालने में परेशानियां हो रही थीं। जमापूंजी भी इतनी नहीं थी कि खर्च चल सके। बच्चों को भूखा देखकर उसने पिछले दिनों कई बार रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मदद मांगी थी। परिचितों से मदद मांगना पति को अच्छा नहीं लगता था। वह कई बार उससे गालीगलौज कर चुका था।
बुधवार रात भी घर में राशन खत्म हो गया था। रात तो किसी तरह काट ली लेकिन सुबह वह पड़ोसी में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां राशन मांगने चली गई थीं। वहां से लौटीं को पति गेट पर खड़ा मिला। उसने उसे गेट पर ही पीटना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया तो पति ने गुस्से में तीन तलाक दे दिया और बच्चों के साथ धक्का देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद वह अगली गली में ही रहने वाली अपने बहन के घर चली गईं।
शाम को निदा खान के घर पहुंची। निदा खान ने शुक्रवार दोपहर बुलाया है। इंस्पेक्टर बारादरी नरेश कुमार त्यागी ने मामले की जानकारी होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
