इटारसी के लिए राहत, शहर में कमजोर हुआ कोरोना, दो दिन में ठीक हो जाएंगे दो संक्रमित मरीज

इटारसी –  शहर में कोरोना वायरस के संक्रमित नए मरीज मिलने में फिलहाल ब्रेक लग गया है। लगातार सैंपलिंग के बाद भी अब पॉजिटिव आने वाले मरीजों की संख्या बीते चार दिन से शून्य है। लगातार सैनिटाइजेशन और कंटेनमेंट जोन में सख्ती के कारण शहर में कोरोना कमजोर हुआ है। इसके अलावा लगातार पुराने मरीजों के ठीक होने से कोरोना से जंग लड़ रही सरकारी मशीनरी भी राहत की सांस भी ले रही है। आगामी दो दिन शहर के लिए अहम होने वाले हैं। यदि कोई नया कोरोना का केस नहीं मिला तो संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य हो जाएगी। अभी दो मरीज कोविद केयर सेंटर में भर्ती हैं। इनमें से एक 7 वर्ष का बच्चा है और दूसरा 57 वर्षीय बुजुर्ग हैं। दोनों की अंतिम कोरोना रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी। डॉक्टर्स का कहना है कि जिस तरह से उनका स्वास्थ्य है वह रिपोर्ट निगेटिव ही आएगी।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब ट्रायल कोरोना टेस्ट लेना शुरू किया है। कंटेनेमेंट जोन में रहने वाले बुजुर्गों का अब कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। दरअसल, बुजुर्गों का टेस्ट इसलिए क्योंकि कोरोना बुजुर्गों पर जल्दी अटैक करता है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बुजुगोर् का टेस्ट करने से बहुत हद तक कोरोना की स्थिति साफ हो जाएगी।

दो दिन में 30 बुजुर्गों के सैंपल लिए

स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में कंटेनमेंट जोन गांधीनगर, जाटव मोहल्ला, देशबंधुपुरा, जीन मोहल्ला में रहने वाले बुजुर्गों के सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी। रोजाना 15 सैंपल लिए गए हैं। इस तरह दो दिन में 30 सैंपल ले लिए गए हैं।

इटारसी में ऐसे रोका गया संक्रमण, किस्मत ने भी साथ दिया

– किसी मरीज के पॉजिटिव आने के बाद उसके घर को एपीसेंटर मानते हुए 500 मीटर एरिया को हॉट स्पॉट घोषित कर दिया गया।

– मरीज के परिजनों समेत उसके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को क्वांटाइन करते हुए जांच कराई गई।

– हॉट स्पॉट एरिया में डोर टू डोर सर्वे करते हुए संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही पूरे इलाके को सैनिटाइज किया गया।

लॉकडाउन में सख्ती की गई, सिर्फ किराना की ही होम डिलेवरी की गई। सब्जी व अन्य आइटम के विक्रय पर रोक रही।

किस्मत ने ऐसे दिया साथ

लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए कई लोग इटारसी से दूसरे शहरों में पहुंच गए। कोई भोपाल गया तो, कोई बाबई, पिपरिया जैसे शहर में चोरी छिपे पहुंच गया। सूचना मिलने पर उन्हें वहीं क्वारंटाइन किया गया। ये बात अच्छी रही कि वे लोग कोरोना पॉजिटिव नहीं निकले। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन से भी कई लोग इटारसी व जिले के अन्य शहरों में आए, जिन्हें होम क्वारंटाइन किया गया।

फैक्ट फाइल

पॉजिटिव मिले मरीज 37

स्वस्थ हुए मरीज 32

कोरोना से मृत मरीज 3

कंटेनमेंट जोन 8

सैंपल लिए 622

आज लिए सैंपल 15

जांच रिपोर्ट 570

निगेटिव मिले 533

रिजेक्ट सैंपल 10

होम क्वारंटाइन 35089

स्क्रीनिंग 90558

कोविद केयर सेंटर में ऐसे ठीक हुए संक्रमित मरीज

अभी कोरोना वायरस के मरीज अपने आप ठीक हो रहे हैं। अब तक जो इलाज किया जा रहा है वो इसके लक्षणों का ही है। बुखार के लिए एंटीबायोटिक दवाएं जैसे पैरासिटामोल दी जा रही है। सर्दी जुकाम के लिए दवाएं दी जा रही हैं। गले में दर्द के लिए कुछ विशेष प्रकार की एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं। आराम करने की सलाह दी जा रही है। 14 दिन तक यह प्रक्रिया दोहराई गई है। इसके बाद एक बार फिर टेस्ट किया गया। निगेटिव पाए जाने पर 24 घंटे बाद फिर टेस्ट हुआ और यह भी निगेटिव रहा तो मान लिया गया कि मरीज पूरी तरह ठीक हो गया है।

ठीक हुए मरीज को किया होम क्वारंटाइन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. एके शिवानी ने बताया कि जो मरीज ठीक हो गए हैं, उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया गया है। उन्हें दवाएं दी गई हैं। साथ ही सलाह दी है कि वे स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं। बाहर की चीजें न खाएं। साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें। रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए पूरी नींद लें। स्मोकिंग और शराब से दूर रहें। फल और हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें। नॉनवेज न खाएं। ये भी कहा गया है कि 14 दिन तक घर में रहना, काम पर नहीं जाना। किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर नहीं जाना और सार्वजनिक परिवहन और टैक्सी से दूर रहना। घर के भीतर भी खुद को परिवार के दूसरे लोगों से अलग रखना है। अगर आपको घरेलू सामानों की जरूरत है या कोई दवा चाहिए या फिर कोई शॉपिंग करनी है तो मदद लें। दरवाजे पर डिलेवरी हो सकती है लेकिन आप किसी को घर आने के लिए न कहें।

ऐसे रखी जा रही है ठीक हुए मरीजों पर नजर

प्रशासन व स्वास्थ विभाग ने अपना तंत्र कंटेनमेंट जोन में विकसित किया है। यहां की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों को कहा गया है कि यदि कोई होम क्वारंटाइन समय के पहले कहीं घूमता हुआ नजर आए तो वे तत्काल इसकी सूचना अस्पताल, थाना, तहसीलदार, एसडीएम या अन्य हेल्पलाइन नंबर पर दें।

अभी दो मरीज बचे हैं। दो दिन में इनकी अंतिम रिपोर्ट आ जाएगी। हमें उम्मीद है कि रिपोर्ट निगेटिव ही होगी। अब ज्यादा सावधानी बरतने का वक्त है। यदि अभी कोई नया केस सामने आता है तो फिर पूरा सिस्टम लगाना होगा। अभी हम कंटेनमेंट जोन में रहने वाले बुजुर्गों का कोरोना टेस्ट कर रहे हैं ताकि यहां की स्थिति का अवलोकन हो सके।

– डॉ. सुधीर जैसानी, सीएमएचओ, होशंगाबाद 

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