लखनऊ: पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस महामारी के इलाज के लिए वैक्सीन न होने के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन व भारत सरकार समेत सभी जिम्मेदार संस्थायें महामारी से बचाव के लिए लगातार हाथ धोने की अपील कर रहे है। इस बीच अमेरिका में हुई एक शोध के मुताबिक भारत में 5 करोड़ से अधिक लोगों के पास हाथ धोने की पर्याप्त व्यवस्था यानी साबुन और साफ पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है।
इन देशों में 5 करोड़ लोगों के पास नहीं है हाथ धोने की सुविधा
जर्नल एनवायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स में बीती 15 मई को प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, अमेरिका में वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) के शोध में कहा गया है कि भारत, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नाइजीरिया, इथियोपिया, कांगो और इंडोनेशिया में से हर देश में पांच करोड़ से अधिक लोगों के पास हाथ धोने की सुविधा नहीं है।
हाथ धोने के लिए साबुन और साफ पानी उपलब्ध नहीं
शोधकर्ताओं ने पूरी दुनिया के लोगों की हाथ धोने की आदतों पर किए गए एक शोध में कहा है कि कम व मध्यम आय वाले देशों के दो अरब से अधिक लोगों को हाथ धोने के लिए साबुन और साफ पानी उपलब्ध नहीं है। स्टड़ी में कहा गया है कि इन देशों में अमीर देशों की तुलना में संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक है।
हाथ ना होने की वजह से हर साल होती है इतनी मौतें
शोध के मुताबिक सहारा अफ्रीका और ओसियाना समेत दुनिया के 46 देशों के 50 प्रतिशत से अधिक लोगों के पास अच्छे से हाथ धोने के लिए साबुन और साफ पानी उपलब्ध नहीं है। शोध में बताया गया है कि हाथ धोने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दुनिया में हर साल सात लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।
बता दे कि कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया के लिए बचाव केवल सामाजिक दूरी और दिन में कई बार अपने हाथों को धोने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही हैंड सेनिटाइजर का उपयोग भी लोगों द्वारा किया जा रहा है, जो कि अस्थाई व्यवस्था है।
