रायपुर. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता अजीत जोगी (Ajit Jogi) का आज निधन हो गया. वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के अलग राज्य बनने के बाद पहले मुख्यमंत्री बनने वाले अजीत जोगी को राज्य में सपनों का सौदागर कहा जाता था. इंजीनियर, शिक्षक और आईएएस रहे अजीत जोगी राजनीति में भी माहिर खिलाड़ी माने जाते रहे. अपने जीवन के अंतिम दिनों में भी उन्हें प्रदेश के महत्वपूर्ण नेताओं में शुमार किया जाता रहा है. आज उनके निधन को राज्य की सियासत की एक बड़ी हस्ती का जाना माना जा रहा है.
1- राजनीति में आने से पहले अजीत जोगी IAS थे. वे मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में कलेक्टर रहे.
2- मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में करियर शुरू करने वाले अजीत जोगी प्रशासनिक सेवा से पहले शिक्षक भी रहे.
3- अजीत जोगी 1986 से 1998 के बीच दो बार राज्यसभा के सांसद चुने गए. 1998 में वे रायगढ़ से सांसद चुने गए.
4- छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वे वर्ष 2000 से 2003 तक प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने.
5- साल 2000 में जब अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उन्होंने कहा था, ”हां, मैं सपनों का सौदागर हूं. मैं सपने बेचता हूं”.
6- साल 2004 से 2008 तक वे लोकसभा के सांसद बने.
7- 2008 में वे मरवाही से विधायक बने.
8- 2009 के लोकसभा चुनावों में वे महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बने.
9- 2015 में अंतागढ़ टेप कांड में भी पूर्व सीएम का नाम आया. आरोप लगे कि टेप में अजीत जोगी, उनके बेटे अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आवाज थी.
10- साल 2016 में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी (JCCJ) के नाम से अपनी नई पार्टी बनाई. 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई.
