रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी अपने आखिरी समय तक प्रदेश वासियों की चिंता करते रहे. उन्होंने अपनी मृत्यु शैया पर जाने से पहले कुछ ट्वीट किए थे. ये सभी ट्वीट उनके या उनके परिवार के बारे में नहीं, बल्कि प्रवासी मजदूरों के प्रति संवेदना दिखाने वाले थे. 9 मई के अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि प्रवासी मजदूरों का दुख असहनीय होता जा रहा है. जैसे वंदे भारत चालू किया गया है, वैसे ही भारत के सभी संसाधनों को उपयोग कर अर्थात सभी रेल, सभी निजी और सरकारी ट्रक और बसों को लगाकर एक अभियान चलाया जाए. इस अभियान के जरिये 4 दिन में इन सबको इनके राज्य की सीमा तक पहुंचा दें. उनकी स्थिति देखकर पीड़ा होती है.
(प्रवासी मजदूरों का दुख असहनीय होता जा रहा है जैसे वंदे भारत चालू किया गया है वैसा ही भारत के सभी संसाधनों को उपयोग कर अर्थात सभी रेल सभी निजी और सरकारी ट्रक और बसों को लगाकर अभियान चलाकर 4 दिन में इन सबको इनके राज्य की सीमा तक पहुंचा दें उनकी स्थिति देखकर पीड़ा होती है)
