ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू
सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी है रथयात्रा निकालने की अनुमति
500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं: सुप्रीम कोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की बधाई
हालात बेकाबू होने पर रोकी जा सकती है रथयात्रा
रथयात्रा की अनुमति देते हुए शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यात्रा में शामिल सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जाए। साथ ही यदि हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है। साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी।
यात्रा के दौरान पुरी में जारी रहेगा कर्फ्यू
पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा की शुरुआत हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इसके लिए अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान पुरी में कर्फ्यू लगाया जाए। एक रथ को 500 से ज्यादा लोग न खींचें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं, सरकार ने सोमवार को हुई सुनवाई में कहा था कि यदि परंपरा टूटती है तो फिर अगले 12 साल तक रथयात्रा नहीं निकलेगी।
भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर मना जाता है गुंडिचा मंदिर
गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर मना जाता है। यहां भगवान सात दिनों तक आराम करते हैं। इसके बाद वापसी की यात्रा शुरु होती है। ओडिशा में पुरी के अलावा भी कई जगहों पर ऐसी यात्राएं आयोजित की जाती हैं। अहमदाबाद में भी रथयात्रा निकलती है। आज गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोने के झाड़ू से झाड़ू लगाकर रथ खींचा।
सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद जय जगन्नाथ के नारों से गूंजा पुरी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को रथयात्रा को हरी झंडी देने के बाद जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ पुरी गूंज उठा। सेवादारों ने तीनों रथ खींचकर मुख्य मंदिर तक पहुंचाए और रथयात्रा की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गईं। सुप्रीम कोर्ट ने यात्रा के ठीक एक दिन पहले हुई सुनवाई में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर कोरोना संक्रमण के चलते लगी रोक हटा ली, लेकिन कड़ी शर्तों के साथ।
जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा शुरू
पुरी में जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा की शुरुआत हो गई है। रथयात्रा से पहले आज सुबह मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया गया।
