नई दिल्ली. मंजिले उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है. पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है… जी हां, ये हौसला ही है जो छोटी सी उम्र में बड़े कारनामे करा देता है. फिर बात चाहे खेलों के कुरुक्षेत्र की हो या फिर पढ़ाई के महाकुंभ की. यही हौसला बागपत (Baghpat) की बेटी तनु तोमर (Tanu Tomar) में भी कूट-कूटकर भरा है. गेहूं की कटाई में पिता का हाथ बंटाना या पढ़ने के लिए सात किलोमीटर का सफर तय कर स्कूल जाना. या फिर यूपी बोर्ड 2019 रिजल्ट में 12वीं क्लास टॉप करना, तनु ने हर मोर्चे पर अपने जज्बे से हैरान ही किया.
सफलता जितनी बड़ी, संघर्ष उतना विशाल
दरअसल, उत्तर प्रदेश के बागपत (Baghpat) जिले के फतेहपुर पुट्ठी गांव में रहने वाली तनु तोमर (Tanu Tomar) ने पिछले साल यूपी बोर्ड (UP Board) की 12वीं की परीक्षा में 97.80 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया. मगर उनकी ये सफलता जितनी बड़ी है, उससे भी विशाल है उनके संघर्षों का सफर. आइए जानते हैं तनु तोमर के बारे में जिन्होंने पिछले साल यूपी बोर्ड की 12वीं क्लास में टॉप कर प्रदेशभर में एक नया मुकाम हासिल किया.
खेत में कर रहीं थीं काम, तभी मिली टॉपर बनने की खबर
दिलचस्प बात है कि जब तनु तोमर (Tanu Tomar) को अपने टॉप करने की खबर मिली, तब वो खेत में पिता के साथ गेहूं की कटाई में मदद कर रही थी. रिजल्ट की जानकारी लगते ही तनु भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकलने लगे. टॉप करने के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर तनु ने कहा कि सफलता हासिल करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है आखिरी सांस तक प्रयास करना.
स्कूल का सफर…सात किलोमीटर
तनु तोमर (Tanu Tomar) के सामने जिंदगी ने कदम-कदम पर चुनौतियां पेश कीं, लेकिन बागपत (Baghpat) की इस बेटी ने हार नहीं मानी. यहां तक कि स्कूल जाकर पढ़ाई करना तक तनु के लिए इतना आसान नहीं रहा. वो इसलिए क्योंकि तनु का स्कूल उनके घर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित था. इस कारण उनका ज्यादातर समय स्कूल आने और जाने में बीत जाता था. बावजूद इसके वो पढ़ने के लिए समय निकाल ही लिया करतीं. उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय़ अनुशासन के साथ समय का सही सदुपयोग करने को भी दिया.
लैंप की रोशनी और जुनून का दीपक
गांव में बिजली की समस्या ऐसी ही थी, जैसे मानो तनु (Tanu Tomar) को बाधाओं से पार पाने की चुनौती मिल रही हो. तनु ने तब भी हिम्मत नहीं हारी और इस चुनौती का भी डटकर सामना किया. पढ़ाई में रुकावत न आए, इसके लिए लैंप की लाइट में भी पढ़ना जारी रखा. आखिरकार लैंप की रोशनी और अपने जुनून के दीपक की तेज लौ की बदौलत तनु ने प्रदेशभर में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करने में कामयाबी हासिल की.
यूपी बोर्ड 2019 (UP Board 2019) की 12वीं की टॉपर तनु तोमर की सफलता इसलिए भी बड़ी हो जाती है क्योंकि उन्होंने किसी भी तरह की कोचिंग का सहारा नहीं लिया और अपने बलबूते पढ़ाई जारी रखी. हां, पढ़ाई के लिए अधिक वक्त मिल सके, इसके लिए स्कूल में एक्स्ट्रा क्लासेज जरूर ली. तनु का सपना डॉक्टर बनने का है.
