सेक्स लाइफ (Sex Life) का खुशनुमा जिंदगी में बहुत अहम रोल होता है. वहीं खुशनुमा सेक्स लाइफ के सबसे अहम पहलुओं में एक है इसको लेकर दोनों पार्टनर (Partner) के बीच बात. जो कपल (Couple) इस बारे में अपने मन की बात जितनी जल्दी और जितनी अच्छी तरह कहते हैं, उनकी लाइफ उतनी आनंददायक होती है. हालांकि, हकीकत में ऐसा कम ही हो पाता है, इसीलिए डॉक्टर सेक्स के बारे में बात करने की सलाह देते हैं. यह सेक्स एजुकेशन का एक रूप है, जिसका फायदा दोनों पार्टनर को मिलता है. सवाल उठता है कि यह बात क्या होनी चाहिए. जवाब हैं ये चार बिंदु-
- सेक्सुअल हेल्थ : दोनों पार्टनर को एक-दूजे की सेक्सुअल हेल्थ के बारे में जरूर जानना चाहिए. ऐसा करके कई बीमारियों से बचा जा सकता है.
- कब-कब सेक्स करना है : कपल का इस मुद्दे पर राजी होना जरूरी है. अधिकांश मामलों में दोनों एक-दूसरे की इस भावना को नहीं समझ पाते हैं और विवाद का बड़ा कारण बन जाता है.
- मतभेद कैसे दूर करना : सेक्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो सकते हैं. इन मतभेदों को दूर करने का एक मात्र तरीका है बातचीत
- नए प्रयोग के लिए दोनों कितने तैयार : सेक्स के दौरान नए प्रयोग आनंद देते हैं, लेकिन दोनों का इसके लिए तैयार होना जरूरी है. बेहतर होगा, पहले इस मुद्दे पर भी बात कर ली जाए.
धीमे बोलें, धीरे-धीरे बोलें
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण होता है कि पार्टनर सेक्स के बारे में कैसे बात कर रहे हैं. हो सकता है कि पुरुष या महिला में से कोई एक असहज महसूस कर रहा हो. ऐसे में दूसरे की जिम्मेदारी है कि वह अपने पार्टनर का साथ दे. जैसे-जैसे सेक्स से जुड़े विषयों पर बात होगी, पार्टनर खुलेगा और सेक्स लाइफ सुखद होगी. सेक्स पर हमेशा धीमे बोलें और अपने पार्टनर को धीमे-धीमे खुलकर बोलने का मौका दें. जब साथी बोलना शुरू कर दे, उसे अच्छी तरह सुनें भी.
एक बार में खत्म नहीं होती बात
- सेक्स एजुकेशन के जानकार कहते हैं कि यह एक या दो दिन की बात नहीं होती है. सेक्स कनवर्सेशन (सेक्स पर बातचीत) जीवन भर चल सकती है. एक अच्छी सेक्स रिलेशनशिप वह होती है, जिसमें दोनों पार्टनर सेक्स करने की इच्छा, बर्थ कंट्रोल, सुरक्षित यौन संबंध और क्या अच्छा तथा क्या बुरा पर हमेशा बात करते रहते हैं.खुलकर बोलें, एक-दूसरे की भावनाओं को समझें
खुलकर बोलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है एक-दूसरे की भावनाओं को समझना. यदि एक साथी सेक्स के लिए तैयार नहीं है और दूसरा उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव बना रहा है तो यह अच्छी सेक्स लाइफ की निशानी नहीं है. एक-दूसरे की भावनाओं और परेशानियों को समझेंगे तो हमेशा स्वस्थ्य संबंध रहेंगे. एक और अहम सलाह यह दी जाती है कि सेक्स पर बात करने में कभी देर नहीं होती. उम्र के किसी भी पड़ाव में हैं, यदि सेक्स लाइफ में सुधार चाहते हैं तो इसकी शुरुआत बातचीत से ही है.
- अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें।
