भारत में ज़्यादातर घरों में तुलसी के पौधे मिल जाएंग। हिन्दु धर्म में इसकी पूजा भी की जाती है। इसे सुख और कल्याण का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है। इसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है।
तुलसी का एक ही पत्ता आपकी कई बामारियों को दूर कर सकता है। आयुर्वेदिक तौर पर तुलसी के पौधे का हर हिस्सा आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है। तो चलिए जानते हैं कि खांसी-ज़ुकाम के अलावा आप तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल और कहां कर सकते हैं।
- कम से कम 10 से 12 तुलसी के पत्ते की चाय बनाकर पीने से खांसी, ज़ुकाम और बुखार तक ठीक हो जाता है।
- सांस की बीमारी में अगर आप तुलसी के पत्ते काले नमक के साथ सुपारी की तरह मुंह में रखते हैं, तो इससे आपको आराम मिलेगा।
- तुलसी की पत्तियों को अगर आप आग पर सेक कर उसे नमक के साथ खाते हैं, तो उससे ख़राब गला भी ठीक हो जाता है।
- तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से आपकी खांसी चल जाएगी।
- क्या आपको पता है तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव भी जल्दी भर जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तुलसी में एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो घाव को पकने नहीं देते।
- इसके अलावा कई शोधों में तुलसी के बीज को कैंसर के इलाज में मददगार माना गया है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।
- ज़्यादातर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत रहती है। ऐसे में तुलसी काफी फायदेमंद होती है। मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने में मदद करती है।
