रायपुर. कोरोना लॉकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का चुनाव दो बार स्थगित होने के बाद अब शनिवार को होगा। चुनाव में अध्यक्ष मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, महासचिव गुरुचरण सिंह होरा के साथ ही सभी दस उपाध्यक्षों, छह संयुक्त सचिवों और कार्यकारिणी के 12 सदस्यों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। एकमात्र कोषाध्यक्ष पद के लिए ही अब चुनाव होगा। नाम वापसी के अंतिम दिन कोषाध्यक्ष पद के दो दावेदारों में किसी ने नाम वापस नहीं लिया था। उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद के छह-छह और कार्यकारिणी के चार दावेदारों ने नाम वापस ले लिया था। जिन लोगों ने नाम वापस लिया है, उनमें से ज्यादातर को एसोसिएट उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव बनाने का फैसला किया गया है। इसी के साथ 13 आमंत्रित सदस्य भी तय हो गए हैं। पहली बार छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में नियमों से चुनाव हो रहे हैं। इसके लिए बकायदा नामांकन की प्रक्रिया का पालन किया गया है। नामांकन भरने के समय जहां अध्यक्ष भूपेश बघेल और महासचिव गुरुचरण सिंह होरा का एक-एक नामांकन भरा गया, वहीं उपाध्यक्ष के 10 पदों के लिए 16 और संयुक्त सचिव के छह पदों के लिए 12 के साथ कार्यकारिणी के 12 पदों के लिए 16 नामांकन भरे गए थे। इसी के साथ कोषाध्यक्ष के एक पद के लिए दो नामांकन भिलाई के साही राम जाखड़ और राजनांदगांव के फिरोज अंसारी ने नामांकन भरा। अब इसी पद पर इनके बीच चुनाव होगा। बाकी पदों पर जितने पद हैं, उतने ही नाम बचे होने के कारण इनका चुना जाना तय हो गया है। कोषाध्यक्ष पद के लिए 11 बजे से एक बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत पाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
बैठक में पद बढ़ाने पर होगा फैसला कोषाध्यक्ष के चुनाव के ठीक बाद कार्यकारिणी की पहली बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष भूपेश बघेल करेंगे। अगर किसी कारणवश उनका आना संभव नहीं हुआ तो उनको ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। महासचिव बैठक का एजेंडा सबके सामने रखेंगे। इसमें मुख्य रूप से संघ में पदों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 10 उपाध्यक्ष के पदों को 16, संयुक्त सचिव के 6 पदों को 10 और कार्यकारिणी के 12 पदों को 16 करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसको मंजूरी के बाद फर्म एंड सोसायटी के पास भेजा जाएगा। इसी के साथ राज्य के मान्यता प्राप्त खेल संघों काे मान्यता देने और जिन खेल संघों में राष्ट्रीय स्तर पर विवाद चल रहा है, उसका निपटारा होने के बाद इन संघों के आवेदन देने पर इनको मान्यता देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अभी 10 जिलों में ओलंपिक संघ हैं, बाकी 18 जिलों में भी संघ बनाने की मंजूरी दी जाएगी। संघ में आजीवन सदस्य पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अब कोई आजीवन सदस्य नहीं होगा।
