कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऐसा कोई सेक्टर नहीं है जहां लोगों को अपनी नौकरी से ना हाथ धोना पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर इतना गहरा असर पड़ा कि अब ज्यादातर सेक्टर में छटाई देखने को मिली। लेकिन कोरोना वायरस केे बाद हालात में थोड़ा सुधार आ सकता है।
पर्यटन, हॉस्पिैटैलिटी, निर्माण कार्य, आईटी और टेलीकॉम के बाद लॉजिस्टिक्स एक ऐसा सेक्टर है जहां कोरोना वायरस के बाद ज्यादा रोजगार पैदा होगा। लॉजिस्टिक सेक्टर देश के टॉप पांच रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों में शामिल हो जाएगा। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मूल्यांकन के आधार पर यह बात कही गई है।
एनएससीडीसी के मूल्यांकन के मुताबिक इस क्षेत्र में पांच सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली नौकरियों में कूरियर डिलिवरी, हाउसकीपिंग अटेंडेंट, कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव, वेयरहाउस एसोसिएट और मशीन ऑपरेटर शामिल हैं। ये नौकरियां लोगों की मांग के आधार पर सूची में शामिल की गई हैं।
ये मूल्यांकन आत्मनिर्भर कौशल कर्मचारी नियोक्या मैपिंग पोर्टल पर उपलब्ध डाटा को इकट्ठा करके बनाया गया है। इस पोर्टल को जुलाई में लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल के मुताबिक 15 जुलाई से सात अगस्त देश में 64,689 नौकरियां दी गई हैं। ये नौकरियां उन लोगों को मिली है जिन्होंने कोरोना वायरस की वजह से या तो अपनी नौकरी खोई है या जिनके पास नौकरी नहीं थी।
महामारी और 68 दिनों के लॉकडाउन की वजह से देश के कई क्षेत्रों में नौकरियों को लेकर बड़ा नुकसान हुआ है। दिहाड़ी-मजदूर इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। हालांकि छह हजार लोग अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी कर रहे हैं लेकिन एनएसडीसी इस बारे में आंकड़ें जुटा रहा है कि क्या जो नौकरियां बची हैं, उस पर भर्तियां हुई हैं या नहीं।
आत्मनिर्भर कौशल कर्मचारी नियोक्या मैपिंग (असीम) पोर्टल एक प्लेटफॉर्म के तौर पर बनाया गया, जो उपलब्ध कौशल कर्मचारियों की संख्या का मूल्यांकन और भर्ती करे। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या के बीच मांग और आपूर्ति के रिक्त स्थान को भरे।
असीम के तहत दिल्ली, आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों 14 राज्यों में नौकरियां दी जाती हैं। कई राज्यों में लोगों को इस पोर्टल के तहत नौकरियां मिली हैं।
असीम पोर्टल के तहत सबसे ज्यादा नौकरियां लॉजिस्टिक सेक्टर में मिल रही हैं, जिसमें कूरियर डिलिवरी, वेयरहाउस एक्जीक्यूटिव और पैकर्स जैसी सेवाएं शामिल हैं। इस समय लॉजिस्टिक सेक्टर में नौकरियों की सबसे ज्यादा मांग है। इस पोर्टल के तहत 83,736 लोग इस क्षेत्र में नौकरी ढूंढ रहे हैं।
असीम पोर्टल पर कुल नौकरियों का 76.1 फीसदी योगदान इन पांच क्षेत्रों से आता है। एक अधिकारी ने बताया कि कूरियर डिलिवरी, हाउसकीपिंग अटेंडेंट, कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव, वेयरहाउस एसोसिएट, मशीन ऑपरेटर जैसी सेवाएं टॉप पांच में जगह बनाए हुए हैं।
मौजूदा समय में असीम पोर्टल पर ये पांचों सेवाएं कुल मिलाकर 48.7 फीसदी नौकरियां देती हैं। पोर्टल के तहत 30 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के 13.7 फीसदी लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इसके बाद हरियाणा के 7.1 फीसदी, तमिलनाडु के 6.6 फीसदी, महाराष्ट्र के 6.2 फीसदी औऱ पश्चिम बंगाल के 4.7 फीसदी लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
कौशल विकास और आंत्रेप्रोन्योरशिप मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि असीम पोर्टल का इस्तेमाल कौशल कर्मचारियों का डाटाबेस बनाने के लिए किया जा रहा है। पांडे ने कहा कि हमारे देश में युवा ही भारत के विकास को आगे ले जा सकता है, इस पोर्टल की मदद से कर्मचारियों के बीच मांग और आपूर्ति को पूरा किया जाएगा।
