खाने के साथ ही हमारे शरीर में बड़ी मात्रा में कीटनाशक भी पहुंच रहे हैं। जो धीरे-धीरे जमा होकर शरीर में घातक बीमारियों का कारण बनते हैं। शरीर में सबसे अधिक कीटनाशक सब्जियों और दूध के जरिये पहुंच रहे हैं। दरअसल, कीटनाशक चारे के जरिये जानवरों तक पहुंचता है और यह वसा में ज्यादा इकट्ठा होता है।
विशेषज्ञ कहते हैं किसान फसलों में अधिक कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं तो उसके अवशेष अनाज, फल, सब्जी और अन्य माध्यमों से मानव शरीर में इकट्ठा हो रहे हैं। सबसे अधिक खतरनाक कीटनाशक सब्जियों के माध्यम से शरीर में पहुंच रहे हैं। खेत से सब्जी बाजार से उपभोक्ता तक पहुंचती है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट विभाग की वैज्ञानिक डॉ. सुमिता अरोड़ा खाद्य पदार्थों में अवशेष मिलने के लिए किसानों को ही दोषी मानती हैं। डॉ. अरोड़ा कहती हैं, हर कीटनाशक को डालने का समय होता है, उसके बाद निर्धारित समय तक प्रतीक्षा के बाद ही किसान को फसल काटनी चाहिए। किसान क्या करते हैं कि पकी फसल पर भी डाल देते हैं। अनाज से अधिक फल और सब्जियों में डाला जाने वाला कीटनाशक खतरनाक होता है।
2017-18 : जांच में दौरान 19 फीसदी में कीटनाशक
वर्ष 2017-18 में देश भर से 27 प्रयोगशालाओं में सब्जियों, फलों, मसाले, चावल, गेहूं, दालें, दूध, मछलियां, मांस आदि के 23,660 नमूनों की जांच में 4510 (19.1 फीसदी) में कीटनाशकों के अंश पाए गए।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा…
हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. जीवी रामाजुनेयलू आंध्र-तेलंगाना में कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाने और प्राकृतिक खेती के लिए दशकों से काम कर रहे हैं।
