रायपुर. अगले खरीफ सीजन से न्याय योजना के विस्तार और धान नहीं बेचने पर भी पंजीयनधारी किसानों को दस हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जाने के बयान के बाद खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने देर शाम स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अगले सीजन का फैसला मंत्रिमंडल करेगा। इस सीजन में धान खरीदी की अंतर की राशि कृषि विभाग की समिति की सिफारिश के आधार पर तय की गई थी। भूपेश सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 2020-21 में धान खरीदी में अंतर की राशि कितनी होगी और किस प्रकार दी जाएगी यह कैबिनेट की बैठक में तय होगा। खाद्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी खरीफ फसलों के अंतर की राशि संबंध में फैसला मंत्रिमंडल लेगा। धान खरीदी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की अलग-अलग उपसमिति है। गुरूवार को देर शाम एक संयुक्त प्रेस काफ्रेंस में मंत्री मोहम्मद अकबर और अमरजीत भगत ने बताया कि मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में 10 अगस्त को हुई थी। बैठक में धान की फसल की गिरदावली 1 अगस्त से 20 सितंबर तक और पंजीयन 17 अगस्त से 31 अक्टूबर तक करने का फैसला किया गया। जिन किसानों ने पूर्व में पंजीयन कराया है उनको फिर से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। अगर वे इसमें संशोधन कराना चाहते हैं तो इसके लिए उक्त अवधि में आवेदन दे सकते हैं। चालू खरीफ वर्ष में 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 19.55 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। बैठक में 2020-21 के लिए बारदाने खरीदी के लिए जूट कमिश्नर को पत्र भेजने और खरीफ वर्ष 2019 के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अंतर की राशि 1500 करोड़ 20 अगस्त को जारी करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि इस साल राजीव किसान न्याय योजना के तहत 1500 करोड़ की पहली किस्त 21 मई को दी जा चुकी है।
किस्त पर बृजमोहन का वार राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त किसानों को दी जा चुकी है। दूसरी किस्त 20 अगस्त को दी जानी है, लेकिन अब इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने किस्तों में राशि देने को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से धान की खरीदी शुरू होनी है। उससे पहले किसानों को चारों किस्तें मिलनी चाहिए। सरकार यह बताने की स्थिति में नहीं है कि बाकी राशि कब दी जाएगी। मंत्री का पलटवार दूसरी ओर इसे लेकर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, सबकी चिंता करने की जिम्मेदारी जनता ने हमें दी है। सीएम भूपेश बघेल और सरकार किसानों को लेकर संवेदनशील हैं। समय पर सभी किसानों को न्याय योजना की राशि मिल जाएगी। विपक्ष के साथियों को इसके लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है।
