रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार तीजा पर सुहागिनें पति की लंबी उम्र और कुंवारी लड़कियां अच्छे पति की कामना को लेकर शुक्रवार को तीजा पर्व मनाएंगी। बता दें कि माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करके निर्जला व्रत रखेंगी। व्रत का संकल्प लेने से पहले गुरुवार की रात को कड़ू भात यानी खीरा, करेला और चावल को पकाकर खाने की परंपरा निभाएंगी। तीजा पर्व से पहले हर घर में करेला खरीदा जाता है।कोरोना संक्रमण काल में त्यौहारी सीजनों में जमकर सब्जियों और सामानों की कालाबाजारी हुई है। 50-60 रुपये किलो बिकने वाला करेला 80 से 100 रुपये किलो में बिका। बढ़ी कीमत के बावजूद करेला खरीदने महिलाओं की भीड़ बाजारों में दिखी। कोरोना महामारी के कारण परिवहन सुविधा जैसे ट्रेन, बस बंद होने के कारण ज्यादातर बेटियां मायके नहीं पहुंच पाई हैं, जिनके पास आने-जाने के लिए स्वयं का वाहन है, वही मायके पहुंची। कई माता-पिता ने अपनी बेटियों को ससुराल में ही तीज मनाने का आशीर्वाद दिया है। साथ ही सौंदर्य सामग्री, साड़ी, मिठाई आदि भिजवा दी हैं।
करेला बाजारों में बिका 100 रुपए किलो तक…तीजा उपवास से पहले सुहागिने खाएंगी कडू भात
