निःशुल्क किताबों के लिए 30 तक आवेदन कर सकेंगे निजी स्कूल …

रायपुर. आखिरकार निजी स्कूलों को निशुल्क किताबें वितरित किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष शासकीय विद्यालयों के साथ ही निजी स्कूल के पहली से दसवीं तक के छात्रों को भी शासन द्वारा निशुल्क किताबें प्रदान की जाती हैं। इस वर्ष आदेश के अभाव में अब तक निजी स्कूलों को किताबों का वितरण नहीं हो सका था। इस कारण छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन कक्षाएं शुरु होने के बाद भी छात्र किताब के इंतजार में अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं। पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा किताबें डिपो में भेज दी गई हैं, लेेकिन निजी स्कूलों को प्रदान नहीं की जा सकी है। धूल के साथ ही बारिश के बीच सीलन खाते हुए ये किताबें पड़ी हुई हैं। वितरण में हो रही देर के बाद निजी स्कूलों द्वारा विरोध करते हुए कहा गया था कि यदि शासन उन्हें किताबें वितरित नहीं करना चाहती है, तो उन्हें निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने की अनुमति दी जाए। निजी स्कूलों की समस्याएं और प्रभावित हो रही छात्रों की पढ़ाई के मुद्दे को हरिभूमि ने प्रमुखता के साथ उठाया था।

निजी प्रकाशकों की किताबें नहीं स्कूल किताबों के लिए 30 सितंबर तक अपना मांगपत्र दे सकेंगे। इसके बाद निशुल्क पुस्तकों का वितरण नहीं होगा। किताबें लेने के साथ ही निजी स्कूलों को इस बात का आश्वासन देना होगा कि उनके द्वारा निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई नहीं कराई जाएगी। पाठ्य पुस्तक निगम की किताबों से ही अध्यापन कराया जाएगा। इसके अलावा निजी स्कूलों को किताबें छात्रों के घर पहुंचानी होंगी। पापुनि के डिपो से निजी स्कूल ये किताबें ले सकेंगे। संबंधित विद्यालयों से पापुनि पावती लेगा, जिसके आधार पर डीपीआई द्वारा भुगतान किया जाएगा। वहीं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने आदेश के लिए शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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