गर्भनिरोध का कौन सा तरीका है बेस्ट, जानने के लिए खुद से पूछें ये 5 सवाल

विश्व गर्भनिरोधक दिवस (World Contraceptive Day): विश्व गर्भनिरोधक दिवस हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ-साथ दुनिया भर के विभिन्न चिकित्सीय संस्थान और गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) भी इस दिन को अपना समर्थन देते हैं. विश्व गर्भनिरोधक दिवस (कॉन्ट्रासेप्शन डे) का मकसद गर्भनिरोधक के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है और साथ ही युवाओं को उनके यौन और प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर बेहतर विकल्प चुनने के लिए सक्षम बनाना है. कॉन्ट्रासेप्शन डे की थीम को ध्यान में रखते हुए हम यहां आपको उन 5 सवालों के बारे में बता रहे हैं जिसे आप बर्थ कंट्रोल का विकल्प चुनने से पहले खुद से पूछना चाहेंगी.

पहला सवाल : गर्भनिरोधक का तरीका कितना असरदार होता है?
गर्भनिरोध का कोई तरीका कितना प्रभावशाली है इसे इस बात से निर्धारित किया जा सकता है कि गर्भनिरोधक के उस तरीके का इस्तेमाल करने के बाद भी एक साल के अंदर कितनी महिलाएं गर्भवती हुईं. बर्थ कंट्रोल के सभी तरीके एक समान रूप से प्रभावी नहीं होते हैं. यूके की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के अनुसार, प्रत्यारोपण और पुरुष और महिला नसबंदी जैसे तरीके लगभग 99% प्रभावी होते हैं. वजाइनल रिंग्स, कम्बाइन्ड कॉन्ट्रैसेप्टिव गोलियां, केवल प्रोजेस्टेरोन वाली गोलियां और गर्भनिरोधक इंजेक्शन जैसी चीजें भी समान रूप से प्रभावी होती हैं लेकिन अगर इनका सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो इनकी प्रभावशीलता 95% तक कम हो जाती है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर पुरुष कॉन्डम 98% प्रभावी होते हैं जबकि महिला कॉन्डम 95%.
दूसरा सवाल : क्या आप जल्द गर्भवती होने की प्लानिंग कर रही हैं?

अगर आप गर्भनिरोधक गोली का उपयोग कर रही हैं, तो इस बात की संभावना है कि आपकी प्रजनन क्षमता एक सप्ताह या गोली को रोकने के कुछ महीनों के अंदर सामान्य हो सकती है. हालांकि, जो महिलाएं गर्भनिरोधक इंजेक्शन लेती हैं, उन्हें इंजेक्शन बंद करने के बाद भी कई महीने या एक साल तक का वक्त लग सकता है गर्भवती होने के लिए सक्षम होने में. इसी तरह, नसबंदी भी आमतौर पर स्थायी होती है (इसे करवा लेने के बाद आप कभी गर्भवती नहीं हो सकतीं). यदि आप निकट भविष्य में गर्भवती होने की योजना बना रही हैं तो आपके लिए गर्भनिरोध का कौन सा तरीका सही है इस बारे में अपने डॉक्टर के साथ विकल्पों पर चर्चा करें.

तीसरा सवाल : क्या आपको पहले से कोई बीमारी है या आप कोई और दवा का सेवन कर रही हैं?
विशेषज्ञों की मानें तो गर्भनिरोधक के कुछ तरीके ऐसे भी हैं जो आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं. गर्भनिरोध गोलियों का सेवन करने पर खून का थक्का जमने की आशंका बढ़ सकती है. यदि आपको पहले से ही कोई स्वास्थ्य समस्या है, जैसे- मान लीजिए हृदय रोग, तो गर्भनिरोधक गोली लेने से आपको स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का खतरा और अधिक हो सकता है. हालांकि, कॉन्डम (पुरुष और महिला दोनों), सर्वाइकल कैप और डायफ्राम जैसी चीजें आमतौर पर दवाओं के साथ हस्तक्षेप नहीं करती हैं. यदि आपको पहले से कोई पुरानी बीमारी है या आप किसी बीमारी के लिए दवा खा रही हैं तो बर्थ कंट्रोल का तरीका चुनने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

चौथा सवाल : क्या आप कोई ऐसा तरीका चुनना चाहती हैं जिसे आपको याद रखने की जरूरत न हो?
गर्भनिरोधक गोलियां तभी प्रभावी होती हैं जब आप रोजाना इनका सेवन करें, कॉन्डम और डायफ्राम का इस्तेमाल आपको हर बार सेक्स करने से पहले याद रखना होगा, गर्भनिरोधक पैच को आमतौर पर हर हफ्ते बदलना पड़ता है जबकि वजाइनल रिंग्स आमतौर पर एक महीने तक रहते हैं. दूसरी ओर, अधिकांश आईयूडी 10 साल तक असरदार रहते हैं और जब भी आप गर्भवती होना चाहें तो आप आईयूडी को आसानी से हटवा सकती हैं. यदि आप भुलक्कड़ हैं और इस तरह के तरीके को नहीं चुनना चाहतीं जिसे याद रखना पड़े तो दीर्घकालिक तरीका चुनना ही आपके लिए बेस्ट रहेगा.

पांचवां सवाल : सुइयां, मामूली सर्जिकल प्रक्रिया या योनि में चीजों को डालने को लेकर आप कितनी सहज हैं?
अगर आप किसी छोटी प्रक्रिया या वजाइना में किसी चीज को इंसर्ट करने को लेकर परेशान नहीं होती हैं तो आप आईयूडी, गर्भनिरोधक सुई, डायफ्राम और कैप्स जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकती हैं. लेकिन अगर आप इन सारी चीजों में सहज या कंफर्टेबल फील नहीं करती हैं तो बेहतर यही होगा कि आप गर्भनिरोधक गोली या गर्भनिरोधक पैच का इस्तेमाल करें.

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