बलरामपुर, बलरामपुर जिले में एक 14 वर्षीय मासूम आदिवासी बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। उक्त घटना जिले के वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम महोवा की है, जहां पीड़ित रविवार से घर से गायब थी। घटना की सूचना के बाद से पीड़ित को नाजुक हालत में पुलिस एवं चाइल्डलाइन की टीम ने अस्पताल में भर्ती किया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ मामले को दबाने व आरोपितों को बचाने के लिए सत्ताधारी दल के कुछ राजनीतिक रसूखदारों के द्वारा मामले पर पर्दा डालने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार पिछले 2 दिनों से गायब थी। सोमवार दोपहर तक घर ना आने के कारण उसके पिता ने पुलिस चौकी में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचने पर शराब के नशे में अत्यधिक धुत होने का हवाला देकर मौजूद पुलिस कर्मियों को उसकी बातें समझ नहीं आई तो उसे वापस घर भेज दिया गया था। वहीं दूसरी तरफ मामला बढ़ते देख क्षेत्र के एक राजनीतिक रसूखदार के घर से जुड़े कुछ लोगों का मामले में संलिप्त होने की बातें भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ते देख सोमवार की देर रात आदिवासी बच्ची को बेसुध हालत में आरोपितों ने उसके घर के बाड़ी में बेहोशी के हालत में फेंक कर फरार हो गए, देर रात उसे बाड़ी में बेसुध अवस्था में पाया गया। गांव के ही किसी व्यक्ति द्वारा चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर 108 पर कॉल कर मामले की स्थिति से अवगत कराया गया। वहीं मामले में तथाकथित रूप से शामिल राजनीतिक रसूखदार मामला सामने ना आए इसके लिए गांव में दबाव बनाने लगे।
