भारत ने दुश्मन के होश उड़ाने वाली ‘शौर्य’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया, चीन के हर कोने को बना सकती है निशाना

पड़ोसी दुश्मन देशों से लगातार बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच भारत एक के बाद एक लगातार कई मिसाइलों के सफर परीक्षण को अंजाम दे चुका है. हाल ही में भारत ने ‘शौर्य’ मिसाइल के नए वर्जन का सफलतापूर्वक टेस्‍ट कर लिया है. न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा कि यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर दूर तक टारगेट को ध्‍वस्‍त कर सकती है

बता दें कि यह मिसाइल सतह से सहत पर मार करने वाली परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल है. सूत्रों ने बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण तटीय ओडिशा के बालासोर में किया गया. इस मिसाइल की खास बात ये भी है कि यह संचालित करने में हल्की और आसान होगी. शौर्य मिसाइल के आने से मौजूदा मिसाइस सिस्टम को मजबूती मिलेगी

यह मिसाइल पनडुब्‍बी से लॉन्‍च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का जमीनी रूप है. टू-स्‍टेज रॉकेट वाली यह मिसाइल 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने से पहले आवाज की छह गुना रफ्तार से चलती है. जो चीज इसको खास बनाती है वो है इसकी रेंज क्षमता. 800 किलोमीटर दूर तक टारगेट को ध्‍वस्‍त करने वाली इस मिसाइल के आने से चीन चौंक गया है. ये मिसाइल चीन के किसी भी इलाके को निशाना बना सकती है.

भारत ने लेजर चालित एंटी-टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
इससे पहले स्वदेश में विकसित लेजर चालित एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का गुरुवार को एक बार फिर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया. यह लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल उपलब्धि के लिए रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) को बधाई दी. इसकी टेस्टिंग महाराष्ट्र के अहमदनगर में एमबीटी टैंक अर्जुन के जरिए केके रेंज में की गई. इससे पहले इसका ट्रायल ड्रोन पर भी सफल रहा है. वह टेस्ट 22 सितंबर को किया गया था.

भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया
भारत ने बुधवार को ओडिशा तट पर एक टेस्ट फैसिलिटी से स्वदेशी बूस्टर के साथ एक विस्तारित-रेंज वाले सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. सूत्रों ने बताया कि मिसाइल को बालासोर जिले में ‘इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज ‘(आईटीआर) से एक मोबाइल लांचर से सुबह करीब 10.30 बजे लॉन्च किया गया. भारत-रूस के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस मिसाइल की मार करने की क्षमता लगभग 400 किलोमीटर है. यह दूसरी बार है जब ब्रह्मोस के विस्तारित-रेंज संस्करण का परीक्षण किया गया है. ब्रह्मोस मिसाइल को मूल रूप से 290 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता के साथ बनाया गया था.

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