जयपुर: राजस्थान के बारां जिले में दो नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म मामले में अशोक गहलोत सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है. दोनों बहनें तीन दिन से घर से गायब रही थीं. पुलिस पर इस मामले को लेकर ढिलाई बरतने का आरोप लग रहे हैं. बारां शहर की दो नाबालिग बहनें 19 सितंबर को घर से लापता हो गई थीं, दोनों बहनें 22 सितंबर को कोटा से बरामद हुई थी.
बयान वगैरह दर्ज करने के बाद इन लड़कियों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया था. पुलिस के मुताबिक, दोनों लड़कियों ने अपने 164 पन्नों के बयान में कहा कि उनके साथ कोई बलात्कार नहीं हुआ है. इन दोनों के मेडिकल चेकअप में भी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई. इस मामले में छोटी बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वह दो आरोपी उन्हें लेकर नलका स्टेशन गए फिर यहां से सुबह आठ बजे जयपुर लेकर गए. वहां पहले दो लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद दो-तीन लोग आए, उन्होंने भी बलात्कार किया. हमें नशीला पदार्थ खिला दिया था. जयपुर से वापस कोटा आए तो पापा को फोन पर आपबीती बताई. पुलिस को जब मामले की शिकायत की, तो उन्हें धमकाया गया कि जान से मार डालेंगे.
बड़ी बहन ने कहा कि हमें जबरन लेकर गए थे. हमें एक कमरे में रखा गया था. जब भी कुछ लेने जाते तो दो ही लोग जाते थे. इसके बाद उन्हें कुछ खिला दिया जाता था. उन्हें होश नहीं रहता था. इन दो के अलावा भी लोगों ने दुष्कर्म किया. साथ ही धमकी दी कि यदि मुंह खोला तो जान से मार देंगे. पीड़िता ने बताया कि हमें कहां लेकर गए कुछ पता नहीं.
