यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को शनिवार को यूपी पुलिस ने रोक दिया था। इस दौरान प्रियंका गांधी के साथ यूपी पुलिस की बदसलूकी सामने आई थी। इस घटना को लेकर प्रदेश के मुखिया सीएम भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं। सीएम भूपेश बघेल ने पूछा है कि क्या यूपी प्रशासन के पास महिला पुलिसकर्मी नहीं थी?सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर पूछा है कि क्या उत्तरप्रदेश प्रशासन के पास कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी? प्रियंका गांधी जी को इस तरह पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा रोकना बेहद आपत्तिजनक एवं निंदनीय है। महिला आयोग को इस विषय में संज्ञान लेकर तुरंत जांच करनी चाहिए।इस घटना की तस्वीर शेयर करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि इससे शर्मनाक और घातक कुछ हो सकता है? ऐसी गुंडई पर उतरी भाजपा सरकार और आदित्यनाथ को डूब मरना चाहिए। प्रियंका गाँधी पर पुरुष पुलीसये से हाथ उठवा कर आदित्यनाथ अपने कौनसे संस्कार का परिचय दे रहे हैं? पुलिस के पीछे कायरों की तरह मत छुपिए, सामने आ अपने कुकर्मों पर इस्तीफ़ा दो।गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था। मंगलवार को सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद बुधवार को तड़के उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया। बहरहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि ‘‘परिवार की इच्छा के मुताबिक’’ अंतिम संस्कार किया गया।
क्या UP प्रशासन के पास कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं….प्रियंका गांधी को पुरुष पुलिसकर्मी के रोके जाने पर CM भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
