उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाथरस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए SIT को 20 और दिन की मोहलत दी है. SIT को आज अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन सरकार ने उसे 10 दिन की और मोहलत दी है. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) अवनीश अवस्थी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद विशेष जांच दल (SIT) को अपनी रिपोर्ट देने का समय 10 दिन बढ़ा दिया गया है.
बता दें कि योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था और उसे 7 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, जिसकी मियाद आज खत्म हो रही थी. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एसआईटी ने अपनी पड़ताल के दौरान 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं. इसमें पीड़िता के परिवार के अलावा अभियुक्तों, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के बयान भी शामिल हैं.
उधर, ‘इंडिया टूडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘पुलिस की जांच में यह पाया गया है कि कथित रूप से गैंगरेप पीड़िता आरोपियों में शामिल संदीप सिंह से फोन पर लगातार टच में थी.’ संदीप सिंह हाथरस मामले में मुख्य आरोपी है. मुख्य आरोपी और पीड़ित परिवार की फोन की जांच के बाद ये तथ्य सामने आए हैं. यूपी पुलिस की जांच में पाया गया कि संदीप और पीड़ित के बीच 13 अक्टूबर, 2019 से टेलीफोनिक बातचीत शुरू हुई थी. ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, संदीप और पीड़ित परिवार के फोन नंबरों के बीच कुल 104 कॉल हुए, जिनमें 62 आउटगोइंग और 42 इनकमिंग थे.
बता दें कि हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित युवती से उच्च जाति के चार लड़कों ने कथित रूप से गैंगरेप किया था. गैंगरेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या करने की भी कोशिश की गई थी. इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता का जीभ काट लिया था. लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत के बाद आनन-फानन में पुलिस ने देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ. परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार के दौरान उनकी सहमति नहीं ली गई वहीं, प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है.
