स्त्रियों का गर्भाशय निकाल देने की ये कहानी पहुंची पर्दे पर

महाराष्ट्र राज्य के बीड़ जिले में गन्ने के खेतों में काम करने वाली महिलाओं के जबरन गर्भाशय निकलवा दिए जाते हैं ताकि वह मां न बन सकें और लगातार काम करती रहें। इस कड़वी सच्चाई को अभिनेता से फिल्म निर्माता और निर्देशक बने अनंत महादेवन ने अपनी फिल्म ‘बिटरस्वीट’ में दिखाया है। अनंत इस समस्या को विश्व स्तर पर दिखाने की चाह रखते हैं इसलिए वह अपनी इस फिल्म को ऑस्कर में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नामांकन मिलने के कारण अनंत महादेवन का हौसला बुलंद हुआ है कि वह अपनी फिल्म को ऑस्कर में ले जा सकते हैं। उन्होंने देश में बड़े पर्दे पर अपनी इस फिल्म ‘बिटरस्वीट’ को दिसंबर के महीने में रिलीज करने की योजना बनाई है। यह ऐसा वक्त होता है जब ऑस्कर के लिए चुनी जाने वाली फिल्मों की छंटनी होती है। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी तो इसे भी उस श्रेणी में रखा जा सकेगा। सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद अनंत अपनी इस फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी वितरित करेंगे।

महाराष्ट्र राज्य के बीड़ जिले में गन्ने के खेतों में काम करने वाली महिलाओं के जबरन गर्भाशय निकलवा दिए जाते हैं ताकि वह मां न बन सकें और लगातार काम करती रहें। इस कड़वी सच्चाई को अभिनेता से फिल्म निर्माता और निर्देशक बने अनंत महादेवन ने अपनी फिल्म ‘बिटरस्वीट’ में दिखाया है। अनंत इस समस्या को विश्व स्तर पर दिखाने की चाह रखते हैं इसलिए वह अपनी इस फिल्म को ऑस्कर में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नामांकन मिलने के कारण अनंत महादेवन का हौसला बुलंद हुआ है कि वह अपनी फिल्म को ऑस्कर में ले जा सकते हैं। उन्होंने देश में बड़े पर्दे पर अपनी इस फिल्म ‘बिटरस्वीट’ को दिसंबर के महीने में रिलीज करने की योजना बनाई है। यह ऐसा वक्त होता है जब ऑस्कर के लिए चुनी जाने वाली फिल्मों की छंटनी होती है। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी तो इसे भी उस श्रेणी में रखा जा सकेगा। सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद अनंत अपनी इस फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी वितरित करेंगे।
फिल्म ‘बिटरस्वीट’ के बारे में अनंत महादेवन का कहना है कि उन्होंने इस फिल्म को बनाने में जितनी निर्ममता दिखा सकते थे, उतनी दिखाने की कोशिश की है। वह चाहते हैं कि इस फिल्म के जरिए दर्शक पूरी सच्चाई को समझें। यह फिल्म उनके हिसाब से वैश्विक स्तर पर लोगों को आकर्षित करेगी। उन्हें लगता है कि गन्ने के खेतों में काम करने वालीं औरतों के इस दर्द को पूरी दुनिया देखे। इस दर्द को आसपास जानते तो सभी लोग हैं लेकिन इसके खिलाफ आवाज उठाने से डरते हैं। जो लोग इस तरह के कामों को अंजाम देते हैं, वह दरअसल बहुत ताकतवर हैं। उनकी कहानी की नायिका सुगुना है। वह इन क्रूर लोगों के खिलाफ खड़ी होती है।

अनंत का कहना है कि उनकी फिल्म ‘बिटरस्वीट’ सिनेमाघरों में रिलीज होने लायक है। यह बहुत गलत बात होगी अगर यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई। अनंत ने कहा कि वैसे तो नियम बदल गए हैं इसलिए अगर वह इस फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज करते हैं तो भी यह फिल्म ऑस्कर में जाने लायक तो फिर भी रहेगी। पिछले साल ऑस्कर में देश से रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की फिल्म ‘गली ब्वॉय’ को भेजा गया था। यह फिल्म अंग्रेजी से इतर भाषा की फिल्मों की कैटेगरी की अंतिम पांच फिल्मों में जगह बनाने में विफल रही थी।

 

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