दुर्ग। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने आंदोलन का शंखनाद कर दिया है, इस आंदोलन को लेकर स्वयं दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल आगे बढ़ रहे हैं। लगातार चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे विजय बघेल अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। वहीं पाटन अब भारतीय जनता पार्टी के लिए मुख्य केंद्र बन चुका है तमाम भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता विजय बघेल को समर्थन देने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं लेकिन कुछ बड़े चेहरे अब भी इस समर्थन से नदारद हैं यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ के पाटन में शराब बंदी को लेकर भाजपा सांसद विजय बघेल द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब आमरण अनशन में तब्दील हो गया है। विजय बघेल अपने समर्थकों को शराब लूटने का आरोप लगाकर पुलिस द्वारा जेल भेजे जाने के विरोध में पाटन में लगातार चौथे दिन आमरण अनशन पर बैठे हैं। जिसे लेकर राजनीति गरमा गई है।
दरअसल बीते पांच अगस्त को (जामगांव एम)स्थित शराब की दुकान को लॉकडाउन के दौरान बंद करने की मांग को लेकर भाजपाइयों व ग्रामीणों ने (जामगांव एम) में धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में दुर्ग सांसद विजय बघेल भी शामिल थे। इस दौरान यहां अंग्रेजी शराब की दुकान में शराब खाली करने आई एक गाड़ी से कुछ लोगों ने शराब लूट ली थी। इसके बाद अमलेश्वर पुलिस ने देर शाम इस मामले में भाजपा नेता लोकमणि चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि राजा पाठक व जितेंद्र सेन सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ शासकीय सम्पत्ति को लूटने व नुकसान पहुंचाने, शराब की लूट का मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद इस प्रकरण में 13 अक्टूबर को तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी से भड़के सांसद विजय बघेल व अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने पाटन में पहले धरना प्रदर्शन कर इनकी रिहाई की मांग की। जब प्रशासन ने इन्हें छोड़ने में असमर्थता जताई तो शाम को सांसद आमरण अनशन पर बैठ गए। सांसद बघेल का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। इन सबके अलावा सांसद विजय बघेल की पत्नी श्रीमती रजनी बघेल ने धरना स्थल पर सुबह से ही मोर्चा खोल रखा था । जिसकी वजह से महिला कार्यकर्ताओं की काफी भीड़ आज अनशन स्थल पर देखने को मिली । विजय बघेल के धरने पर बैठने के बाद से दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के दूर दराज गांव से भी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ समर्थन देने पहुंच रही हैं ।
