चुनाव लड़ना हर किसी का संवैधानिक अधिकार, नामांकन खारिज करना दिखाता है भय को….रमन सिंह

रायपुर: मरवाही उपचुनाव के लिए अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज किए जाने के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में सरगर्मी चरम पर है। मामले को लेकर एक के बाद एक राजनीतिक दलों के नेताओं का बयान सामने आ रहा है। इसी कड़ी में पूर्व सीएम रमन सिंह ने अमित और ऋचा जोगी का नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। बता दें कि शनिवार को अमित और ऋचा जोगी सहित 6 उम्मीवारों का नामांकन निरस्त किया गया है।

रमन सिंह ने कहा है कि अमित जोगी और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज करना सरकार के भय का सबूत है। मरवाही चुनाव को लेकर सरकार डरी हुई है। चुनाव लड़ना हर किसी का संवैधानिक अधिकार है। एक सीट के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी, यह उसके डर का परिचायक है।

वहीं दूसरी ओर जिला निर्वाचन अधिकारी ने अमित और ऋचा जोगी का नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर कहा कि मरवाही सीट अजजा वर्ग के लिए आरक्षित है। वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया गया है।

इससे पहले नामांकन खारिज किए जाने को लेकर लेकर मंत्री चौबे ने कहा था कि यह निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा है कि निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन रद्द किया है। सरकार किसी का नामांकन निरस्त नहीं करती। नामांकन दाखिल करने वैध प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। मरवाही एसटी के लिए आरक्षित है। इसलिए समिति की ओर से लिया गया निर्णय सर्वोपरी है। इसकी अवहेलना नहीं की जानी चाहिए।

बता दें राज्य छानबीन समिति ने अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने के साथ ही नामांकन भी रद्द कर दिया है। अमित जोगी अब मरवाही चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। समिति ने इसके पीछे अजीत जोगी की जाति का हवाला दिया। समिति ने तर्क दिया है कि 23 अगस्त 2019 को हाई पावर कमेटी ने अजीत जोगी को कंवर नहीं माना था। बेटे की जाति पिता की जाती से निर्धारित होती है। ऐसे में अमित जोगी को कंवर नहीं माना जा सकता।

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