- कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम सातवां संबोधन
- त्योहार के इस मौसम में संक्रमण से बचने को लेकर दे सकते हैं सलाह
- दिवाली को देखते हुए किसी योजना का एलान भी कर सकते हैं पीएम
लापरवाही बरतना ठीक नहीं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। ये ठीक नहीं है। अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आपको, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों और बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं।
ये समय लापरवाह होने का नहीं है’
सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है।
जांच की बढ़ती संख्या हमारी बड़ी ताकत’
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में रिकवरी रेट (कोरोना से ठीक होने की दर) अच्छा है, मृत्यु दर कम है। दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में जांच की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है।
‘लॉकडाउन गया है वायरस नहीं’
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर हम सभी ने बहुत लंबा सफर तय किया है। समय के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी धीरे-धीरे तेजी नजर आ रही है। हममें से अधिकांश अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए, जीवन को गति देने के लिए रोज घरों से निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक लौट रही है। लेकिन हमें भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है। देश में जो स्थिति सुधरी है उसे बिगड़ने नहीं देना है।
30 जून: छठा संबोधन, नवंबर तक गरीबों को मुफ्त राशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जून को छठी बार देश को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लगभग 16 मिनट के संबोधन में कोरोना को केंद्र में रखा था और लोगों से लापरवाही न करने की अपील की थी। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के विस्तार की घोषणा की थी। उन्होंने नवंबर तक इस योजना का विस्तार किया था।
12 मई: पांचवा संबोधन, आर्थिक पैकेज का एलान
प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को पाचवीं बार राष्ट्र को संबोधित किया था। अपने इस संबोधन में उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का एलान किया था। इसके तहत देश के छोटे व्यापारियों, श्रमिकों और गरीबों को आर्थिक सहायता और ऋण की मदद देने की घोषणा की गई थी
14 अप्रैल: चौथा संबोधन, लॉकडाउन बढ़ाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को राष्ट्र को चौथी बार संबोधित किया था। अपने इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन 2.0 का एलान किया था और लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर तीन मई कर दी थी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की ओर से मिले सुझावों के आधार पर लॉकडाउन को बढ़ाया था।
3 अप्रैल: तीसरा संबोधन, मांगे नौ मिनट
कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री ने तीन अप्रैल को तीसरी बार देशवासियों को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की लाइट बुझाकर छत पर या बालकनी में दीये जलाने की अपील की थी। पीएम ने कहा था, ‘हम प्रकाश की ताकत से कोरोना के अंधकार को मिलकर मात देंगे।’
24 मार्च: दूसरा संबोधन, लॉकडाउन की शुरुआत
24 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार देश को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देशवासियों से कुछ समय की मांग की थी। रात आठ बजे के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी थी।
19 मार्च: पहला संबोधन, जनता कर्फ्यू
कोरोना वायरस को लेकर देशवासियों को पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने 19 मार्च 2020 को रात आठ बजे संबोधित किया था। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का एलान किया था। साथ ही उन्होंने 22 मार्च को शाम पांच बजे, पांच मिनट तक उन सभी लोगों का ताली बजाकर धन्यवाद जताने की अपील की थी, जो खतरा उठाकर आवश्यक कामों में लगे हैं।
