रायपुर, भोपाल, अंबाला और हिसार में बनेगा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क

नई दिल्ली/रायपुर. देश में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर आर्थिक व्यवस्था में सुधार करने की दिशा में केंद्र सरकारी की प्रस्तावित 22 परियोजना छत्तीसगढ़ के रायपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल और हरियाणा के अंबाला व हिसार में भी जल्द पटरी पर आएगी। इस परियोजना के तहत असम के जोगीघोपा में देश में पहले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला रख दी गई है, जिससे लोगों को सीधे सीधे हवाई, सड़क, रेल व जल मार्ग की सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी। देश में आर्थिक सुधारों को गति देने की दिशा में केंद्र सरकार की मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना के तहत मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए असम के जोगीघोपा में 693.97 करोड़ रुपये की लागत वाले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला रखी, जो देश का ऐसा पहला मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनेगा, जिसमें इस पार्क से लोगों को सीधे हवाई, सड़क, रेल व जल मार्ग की सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके लिए यह बुनियादी विकास केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत किया जाएगा। असम के जोगीघोपा में यह पार्क ब्रह्मपुत्र नदी से लगी 317 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है, जिसके निर्माण का पहला चरण 2023 तक पूरा होगा। उन्होंने बताया कि 280 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं, जिसमें सड़क निर्माण के लिए 171 करोड़ रुपये, ढांचा खड़ा करने के लिए 87 करोड़ रुपये और रेल लाइन बिछाने के लिए 23 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। अगले महीने काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना से राज्य के लगभग 20 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस परियोजना के लिए असम सरकार, एनएचआईडीसीएल और अशोक पेपर मिल्‍स के बीच जोगीघोपा में भूमि और लॉजिस्टिक में भागीदारी के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

लोगों को मिलेगी सभी सुविधाएं गडकरी ने कहा कि जोगीघोपा और गुवाहाटी के बीच की 154 किलोमीटर की दूरी को इस खंड पर चार-लेन की सड़क बनाकर कवर किया जाएगा। वहीं तीन किलोमीटर की रेल लाइन जोगीघोपा स्टेशन को एमएमएलपी से जोड़ेगी। एक अन्य तीन किलोमीटर की रेल लाइन इसे आईडब्ल्यूटी से जोड़ेगी और नए विकसित रूपसी हवाई अड्डे से आसान कनेक्टिविटी के लिए मौजूदा सड़क को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएमएलपी में गोदाम, रेलवे साइडिंग, प्रशीतन गृह, कस्टम क्लीयरेंस हाउस, यार्ड सुविधा, वर्कशॉप, पेट्रोल पंप, ट्रक पार्किंग, प्रशासनिक भवन, रहने और खाने पीने की सुविधाएं, खानपान की जगहें और जल के उपचार का संयंत्र आदि सभी सुविधाएं होंगी। इस वर्चुअल समारोह की अध्यक्षता असम के मुख्यमंत्री सर्बानद सोनोवाल ने की। जबकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सड़क परिवहन राज्‍य मंत्री डॉ.वी.के सिंह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, असम के मंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, चंद्र मोहन पटवारी और फणी भूषण चौधरी के अलावा असम के मंत्री, सांसद, विधायक और केंद्र तथा राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

80 हजार करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की असम में 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि 3,545 करोड़ रूपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग के 575 किलोमीटर क्षेत्र के लिए निर्माण कार्य इस वित्त वर्ष में पूरा होने की उम्‍मीद है। लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लागत के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के कार्यों को अगले वर्ष तक आवंटित किया जाएगा, जबकि 21 हजार करोड़ रुपये के कार्यों के लिए डीपीआर पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीआरआईएफ योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 610 करोड़ रुपये की लागत से राष्‍ट्रीय राजमार्ग के 203 किलोमीटर के क्षेत्र में कार्य कराया जाएगा। मंत्री ने राज्य के विभिन्न सांसदों और विधायकों के द्वारा भेजे गए कई सड़क प्रस्तावों को मंजूरी देने की भी घोषणा की। गडकरी ने यह भी बताया कि असम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 12 दुर्घटना ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से तीन में अस्थायी तौर पर सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 तक ये सभी ब्लैक स्पॉट हटा दिए जाएंगे।

35 की परिकल्पना, फिलहाल 22 बनेंगे : इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय देश में 35 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क यानि एमएमएलपी विकसित करने की परिकल्पना करता है, जिनमें फिलहाल 22 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की योजना के लिए डीपीआर और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने पर काम चल रहा है। इन शहरों में बनेंगे पार्क केंद्र सरकार की इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल और हरियाणा के अंबाला व हिसार के अलावा दिल्ली, अहमदाबाद, राजकोट, कांडला, वडोदरा, लुधियाना, अमृतसर, जालंघर, भटिंडा, कोटा, जयपुर, जगतसिंहपुर, सुंदरनगर, कोलकाता, पुणे, नाशिक, पणजी और जम्मू शहर में इस योजना को पटरी पर उतारने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना का काम भी एनएचआईडीसीएल को दिया गया है, जो पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में सड़क परियोजनाओं जैसी बुनियादी ढांचें को मजबूत करने में जुटा है।

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