नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और CCEA (Cabinet Committee on Economic Affairs) की बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव को मानते हुए एथेनॉल की कीमतें (Ethanol Price) बढ़ाने का फैसला लिया है. एथेनॉल की कीमतें 3.34 रुपये प्रति बढ़ाने का फैसला लिया गया है. दरअसल, देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) चीन से जिस कीमत पर एथेनॉल खरीदती हैं, वो सरकार तय करती है. यह प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से दिया गया था.
जूट पैकेजिंग को लेकर बड़ा ऐलान-केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को जूट के बैग को बढ़ावा देने के लिए खाद्यान के सामान की जूट के बैग में पैकिंग की जाएगी. अब खाद्दान की सौ फीसदी पैकजिंग जूट के थैलों और चीनी के बीस फीसदी सामान की पैकजिंग जूट के थैलों में ही होगी. आम लोगों के लिए जूट के थैलों का क्या दाम होगा, इसका फैसला कमेटी करेगी.
कैबिनेट बैठक में बांधों की सुरक्षा और मेंटनेंस के लिए नई योजना को मंजूरी दी गई है. ये परियोजना दो चरणों में पूरी होगी, जिसकी लागत दस हजार करोड़ रुपये तक का होगा. इस योजना के तहत मौजूदा बांधों को नई तकनीक के आधार पर तैयार किया जाएगा, जो बांध काफी पुराने हो गए हैं उनमें सुधार किया जाएगा और अन्य कामों को पूरा किया जाएगा
अलगे सीज़न में उत्पादन बढ़ने का अनुमान
बता दें कि अगले सीज़न (दिसंबर 2020-नवंबर 2021) तक एथेनॉल का उत्पादन दोगुना होने का अनुमान है. उत्पादन बढ़ने से सरकार पेट्रोल में 8 फीसदी एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य पूरा कर पायेगी. सूत्रों के मुताबिक नेशनल बायोफ्यूल पॉलिसी के तहत 2022 तक 10 फीसदी और 2030 तक 20 फीसदी Ethanol Blending जरूरी करने का लक्ष्य है.
एथेनॉल के बारे में जानिए…
एथेनॉल को घरेलू तौर पर बनाया जा सकता है. जिसके जरिए पेट्रोलियम के आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है. एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाया जा सकता है. यह नॉन-टॉक्सिक, बायोडिग्रेडेबल साथ ही सभालने में आसान, स्टोर और ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षित है. यह रिन्यूएबल प्लांट सोर्स से बनाया जाता है.
