रायपुर. स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में 30 से 40 प्रतिशत कटौती संबंधित फैसले के माहभर बाद भी उच्च शिक्षा विभाग सिलेबस जारी नहीं कर सका है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अपडेट सिलेबस अथवा ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़े आदेश का इंतजार कर थके विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों ने अंतत: अनुमान के आधार पर ही सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दीं। प्रत्येक संकाय में कुछ बेसिक एवं महत्वपूर्ण अध्याय होते हैं, जो आगे की कक्षाओं के लिए भी आधार बनते हैं। इस तरह के अध्यायों को खुद ही छांट कर महाविद्यालयों ने छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। कॉलेजों का तर्क है कि वे अध्ययन-अध्यापन में पहले ही पिछड़ चुके हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कब आदेश या नया सिलेबस जारी किया जाएगा, इसे लेकर कुछ भी निश्चित नहीं है। यदि वे इंतजार करते रहे तो मौजूदा सत्र में और अधिक पिछड़ जाएंगे। ऐसे में उन्होंने अंदाजन ही छात्रों को पढ़ाई कराना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को 2 नवंबर से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने निर्देश दिए थे।
देते रहे जानकारी कुछ महाविद्यालय ऐसे भी रहे, जिन्होंने ऑनलाइन कक्षाओं के पहले दिन विशेष कक्षाएं संचालित नहीं की। छात्रों से परिचय के अलावा शैक्षणिक सत्र 2020-21 से जुड़ी जानकारियां देते रहे। निजी महाविद्यालयों ने भी अपने शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाएं लेने निर्देश दिए हैं। पहले दिन अधिकतर महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति प्रतिशत 60 फीसद रही। वाट्स ऐप, गूगल मीट, जूम ऐप सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपनी सुविधानुसार कक्षाएं ली जा रही हैं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अब सिलेबस का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पढ़ाई की गति बढ़ाई जा सके। कक्षाएं शुरू बेसिक अध्याय सभी पाठ्यक्रम में होते हैं। स्नातक स्तर पर इनका अध्यापन प्रारंभ है। कुछ विषयों के नतीजे अभी शेष हैं, इन छात्रों की अगली कक्षाएं अभी शुरू नहीं हो पाई हैं।
