बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बुधवार को देर शाम ट्वीट किया है. नीतीश कुमार NDA को बहुमत देने के लिए जनता को मालिक बताते हुए नमन कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल रहे सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, ” जनता मालिक है. उन्होंने NDA को जो बहुमत प्रदान किया, उसके लिए जनता-जनार्दन को नमन है. मैं पीएम श्री @narendramodi जी को उनसे मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद करता हूं.”
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बेहद रोमांचक मुकाबले में राजग ने 125 सीटों पर जीत कर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है. करीब 15 साल से बिहार में सत्ता की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर बैठने के लिए तैयार हैं. भले ही इस बार चुनाव में जद (यू) का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और उसे पिछली बार 2015 विधानसभा चुनाव में मिली 71 सीटों के मुकाबले इस बार मात्र 43 सीटें मिलीं हैं.
बिहार में सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष की कड़ी चुनौती को पार करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243 सीटों में से 125 सीटों पर जीत प्राप्त कर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया. भाजपा की 74 और जदयू की 43 सीटों के अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन साझीदारों में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को चार और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को चार सीटें मिलीं. विपक्षी महागठबंधन में राजद को 75, कांग्रेस को 19, भाकपा माले को 12 और भाकपा एवं माकपा को दो-दो सीटों पर जीत मिली. इस चुनाव में एआईएमआईएम ने पांच सीटें और लोजपा एवं बसपा ने एक-एक सीट जीती है। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा है.
भले ही राजग ने बहुमत हासिल किया है, लेकिन इस चुनाव में विपक्षी ‘महागठबंधन’ का नेतृत्व कर रहा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 75 सीटें अपने नाम करके सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरा है. मतगणना के शुरुआती घंटों में बढ़त बनाती नजर आ रही भाजपा को 16 घंटे चली मतों की गिनती के बाद 74 सीटों के साथ दूसरा स्थान मिला. विपक्षी महागठबंधन ने कुल 110 सीटें जीतीं. पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद के सर्वाधिक सीटें हासिल करने के बावजूद महागठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाया.
राजग के बहुमत हासिल करने के साथ ही नीतीश् कुमार के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह साफ हो गई है. हालांकि इस बार उनकी पार्टी जद(यू) को 2015 जैसी सफलता नहीं मिली है. जद(यू) को 2015 में मिली 71 सीटों की तुलना में इस बार 43 सीटें ही मिली हैं. उस समय कुमार ने लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव जीता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा समेत राजग पहले ही कुमार को मुख्यमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका हैं. इसलिए भले ही कुमार की पार्टी का प्रदर्शन गिरा है, कुमार चौथी बार सरकार का नेतृत्व करेंगे.
जद(यू) को चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है. लोजपा को एक सीट पर जीत मिली, लेकिन उसने कम से कम 30 सीटों पर जदयू को नुकसान पहुंचाया.
