आज पूरा देश बड़े हर्षोल्लास के साथ संविधान दिवस मना रहा है. हम सब जानते हैं कि भारत ने औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1949 को संविधान को एक संविधान सभा के द्वारा अपनाया था लेकिन इस लागूल किया 26 जनवरी 1950 को. इसके लगभग 65 वर्ष वर्ष मोदी सरकार में सामाजित न्याय और अधिकारिता मंत्रायलय ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया था. आजाद भारत के इतिहास में 26 नवंबर की खास अहमियत है
आज के दिन को संविधान दिवस के रूप में मानने का एक मात्र बड़ा कारण वेस्टर्न कल्चर के दौर में देश के युवाओं के बीच में संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देना है. दरअसल यही वह दिन है, जब गुलामी की जंजीरों से आजाद होकर अपने स्वतंत्र अस्तित्व को आकार देने का प्रयास कर रहे राष्ट्र ने संविधान को अंगीकार किया था. इसी दिन संविधान सभा ने इसे अपनी स्वीकृति दी थी. इस वजह से इस दिन को ‘संविधान दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है.
