अगर आप मां बनना चाहती हैं तो आपको टेस्ट करने की उत्सुकता हो सकती है और अगर आप अपने पीरियड मिस कर दिए हैं और गर्भावस्था के संकेतों को पहचान रही हैं तो आपको बस इस बात की पुष्टि करनी होती है कि क्या हुआ है और क्या नहीं। पढ़ें कब और किस वक्त करना चाहिए प्रेग्नेंसी टेस्ट।
अगर आप इस असमंजस की स्थिति में फंसी हुई कि आप गर्भवती होना चाहती हैं या नहीं तो आपके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि प्रेग्रेंसी टेस्ट किया जाए या फिर नहीं। महिलाओं को प्रेग्रेंसी टेस्ट करना हमेशा से परेशान करता आ रहा है। अगर आप मां बनना चाहती हैं तो आपको टेस्ट करने की उत्सुकता हो सकती है और अगर आप अपने पीरियड मिस कर दिए हैं और गर्भावस्था के संकेतों को पहचान रही हैं तो आपको बस इस बात की पुष्टि करनी होती है कि क्या हुआ है और क्या नहीं।
मौजूदा वक्त में मेडिकल शॉप पर बिकने वाली प्रेग्रेंसी टेस्ट किट से आपको यह जानने के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता है कि आपकी उम्मीद पूरी हुई या नहीं। आपको बस स्टिक पर यूरिन की कुछ बूंदें डालनी होती हैं और कुछ ही मिनटों में आपको आपका जवाब मिल जाता है। हालांकि सटीक परिणामों के लिए आपको सही समय पर टेस्ट करने की जरूरत पड़ती है। अगर आप गर्भवती हैं तो भी जल्दी टेस्ट करने से आपको गलत परिणाम मिल सकता है।
बाजार में बिकने वाली प्रेग्रेंसी टेस्ट किट दरअसल पेशाब में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी) नाम के हार्मोन का टेस्ट करती है, जो कि गर्भवती होने पर महिला के पेशाब में मौजूद होता है। अगर फर्टिलाइज्ड एग गर्भाशय के बाहर या आपके गर्भाशय की लाइनिंग से जुड़ा हुआ है तो यह हार्मोन रिलीज होता है। फैलोपियन ट्यूब में शुक्राणु द्वारा अंडों का फर्टिलाइजेशन के 6-7 दिनों बाद हो सकता है
प्रेग्रेंसी टेस्ट करने का सबसे अच्छा समय होता है जब आपके पीरियड लेट होते हैं। जब आप अपने पीरियड को मिस कर एक दिन पूरा बिता देती हैं तो आपको टेस्ट लेने की आवश्यकता हो सकती है। कुछ टेस्ट किट आपके पीरियड को पूरा होने से 4 या 5 दिन पहले ही पॉजिटिव दिखा देती हैं। लेकिन पीरियड मिस होने के बाद टेस्ट करने से आपको गलत परिणामों से बचने में मदद मिल सकती है। अगर आपका मासिक धर्म चक्र सही समय पर नहीं होता है तो सटीक परिणाम के लिए आपको 35 से 40 दिनों तक का इंतजार करना चाहिए।
कुछ अध्ययनों से ये पता चलता है कि सुबह के वक्त प्रेग्रेंसी टेस्ट करने से आपको अधिक सटीक परिणाम प्राप्त होता है। दरअसल सुबह के समय मूत्र अधिक सघन होता है, इसलिए एचसीजी सांद्रता भी अधिक होती है। इसका मतलब है कि अगर आप गर्भवती हैं तो आपको पॉजिटिव परिणाम मिलने की संभावना बहुत अधिक है। जब आपके पीरियड देर से होते हैं तो यह अधिक प्रभावी होता है। लेकिन जब आप मासिक चक्र अवधि से पहले टेस्ट करते हैं तो परिणाम के गलत आने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा अगर आप बहुत सारा पानी पी रहे होती हैं तो भी आपका मूत्र पतला होता है।
अगर आप प्रेग्रेंसी रोकने के लिए कई तरीके अपना रही हैं तो भी हमेशा गलती होने की उम्मीद रहती है। इसलिए, अगर आप अपने पीरियड मिस करती हैं या फिर आपको गर्भावस्था के किसी भी संकेत जैसे कि ऐंठन और स्तन में दर्द जैसा महसूस होता है तो आपको बिना किसी देरी के टेस्ट करना चाहिए।
