कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान आज (14 दिसंबर) एक दिन का भूख हड़ताल (Hunger Strike) करेंगे. इसके साथ-साथ किसानों ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लिया जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. उधर, दिल्ली के सभी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. किसानों की भूख हड़ताल सुबह 8 से शाम 5 बजे तक होगा.
सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्श कर रहे किसान नेताओं ने कहा, ‘हमारा रुख स्पष्ट है. हम चाहते हैं कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए. इस आंदोलन में भाग लेने वाले सभी किसान यूनियन एक साथ हैं
वहीं, किसान नेता राकेश टिकैट ने कहा, ‘हमें नजर रखने की जरूरत है ताकि कोई गलत तत्व हमारे बीच न हों. हमारे सभी युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है. अगर सरकार बात करना चाहती है तो हम एक समिति गठित करेंगे और आगे का निर्णय लेंगे.
वहीं, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, ‘किसान कल सुबह 8 से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय भूख हड़ताल पर रहेंगे. इस दौरान सभी जिला मुख्यालयों पर धरने होंगे. उधर, किसान नेता शिवकुमार कक्का ने कहा कि सरकारी एजेंसियां किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोक रही हैं, हमारी मांगें पूरी होने तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि हमारा रुख स्पष्ट है, हम तीनों कृषि कानूनों का निरस्तीकरण चाहते हैं, इस आंदोलन में शामिल सभी किसान यूनियन एकजुट हैं.
वहीं, किसान नेता संदीप गिद्दू ने कहा कि 19 दिसंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रद्द की गई है, इसके बजाय सोमवार को यह एक दिवसीय हड़ताल रहेगा. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए साजिश रच रही है.
उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) भी कृषि कानूनों (Farms Law 2020) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmers Protest) के समर्थन में सोमवार को एक दिन का उपवास रखेंगे. इसके साथ-साथ उन्होंने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के कार्यकर्ताओं और लोगों से अपील की है कि किसानों के समर्थन में वे भी एक दिन का उपवास रखें.
