जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (District Development Council) के 280 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना आज सुबह नौ बजे से शुरू हो जाएगी. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और गुपकार संगठन के बीच है. अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार वोटिंग हुई, जिसमें मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आज उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है
इससे एक दिन पहले यानि सोमवार को अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर कम से कम 20 राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया है. इसमें पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के भी तीन वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं. इसपर पीडीपी की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी नेताओं को हिरासत में लिए जाने को ‘गुंडा राज’ बताते हुए भाजपा पर ‘परिणामों के साथ छेड़छाड़ करने का’ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है.
महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘पूरी तरह से कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पीडीपी के सरताज मदनी, मंसूर हुसैन को डीडीसी चुनाव परिणाम की पूर्व संध्या पर मनमाने तरीके से आज हिरासत में लिया गया. यहां के हर वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जानकारी तक नहीं है क्योंकि ‘यह तो ऊपर से आया ऑर्डर है.’ जम्मू-कश्मीर में कानून का तो शासन रह नहीं गया. यह पूरी तरह से गुंडा राज है.’’
वहीं एक अन्य ट्वीट में मुफ्ती ने शाम को कहा कि अख्तर का ‘‘अपहरण जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने किया और उन्हें एमएलए अतिथिगृह ले जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव (DDC Election) में बीजेपी (BJP) कांग्रेस और पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लरेशन के बीच मुख्य मुकाबला है. हालांकि हर पार्टी अपनी अपनी जीत का दावा ठोक रही है. वहीं बीजेपी का कहना है कश्मीर घाटी में किसी को हराएं या न हराएं कांग्रेस को हराएंगे. इन चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी समेत कश्मीर की मुख्यधारा से जुड़ी सात राजनीतिक पार्टियों ने मिलकर गुपकार गठबंधन बनाया था.
