कोरोना की वजह से नए साल के जश्न पर इस बार प्रशासन का सख्त पहरा

छत्तीसगढ़/ रायपुर : कोरोना की वजह से नए साल के जश्न पर इस बार प्रशासन का सख्त पहरा रहेगा। रायपुर और राज्यभर में बढ़ते केस की वजह से इस साल रात 10 बजे के बाद पटाखे फोड़ने और डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। होटलों में रात 12 बजे तक डांस फ्लोर में लोग थिरकेंगे की नहीं इस पर फैसला लेने के लिए कलेक्टर ने अफसरों की बैठक बुलाई है। प्रशासन की इस सख्ती का असर से होटल कारोबारी भी घबरा गए हैं। जश्न में खर्चा ज्यादा और इंकम कम न हो जाए इस डर से अभी तक एक भी होटल संचालक ने नए साल के समारोह के लिए अनुमति का आवेदन नहीं दिया है। संचालकों का कहना है कि वे गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं।

नए नियमों को देखने के बाद ही वे फैसला लेंगे कि कार्यक्रम आयोजित किया जाए या नहीं? राजधानी में जिस तेजी से पारा गिर रहा है उससे तय हो गया है कि इस बार कहीं भी खुले में कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इसलिए ज्यादातर आयोजन वहीं होंगे जहां संचालकों के पास बड़े भवन या हॉल हैं। इस वजह से भी इस साल आवेदन कम ही जमा होने की उम्मीद है। कई दशकों के बाद ऐसा हो रहा है जब राजधानी के आधे से भी कम होटलों में नए साल का जश्न मनाया जाएगा।

होटल एसोसिएशन के अनुसार केवल राजधानी में ही हर साल 200 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रमों का आयोजन 31 दिसंबर की रात में किया जाता था, लेकिन इस साल यह संख्या आधे से भी कम रहेगी। हैप्पी न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए मुंबई से खासतौर पर सेलीब्रिटी और संगीत कलाकारों को बुलाया जाता था। लेकिन अभी तक एक भी फिल्मी या टीवी कलाकार का नाम सामने नहीं आया है जिसे इस बार रायपुर बुलाया गया है। यही वजह है कि इस कार्यक्रम के लिए न पास छपे हैं और न ही बिक रहे हैं। सीमित लोगों को ही चर्च में जाने की अनुमति माना जा रहा है कि क्रिसमस पर प्रशासन की नई गाइडलाइन में किसी भी चर्च में 200 से ज्यादा लोगों को एक साथ रहने की अनुमति नहीं होगी। क्रिसमस के पहले निकलने वाली रैलियों पर प्रशासन रोक लगा सकता है। आयोजनकर्ताओं को सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क की व्यवस्था रखनी होगी। लोगों से अपील की है कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें।

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