रायपुर। राजधानी ड्रग्स, अफीम और डोडा का कारोबार जोर-शोर से चले जा रहा है। वही वीआईपी रोड की होटलों में नशे की पार्टी का आयोजन होने लगा है । क्रिसमस के मौके पर युवाओं ने रात-भर जमकर पार्टी की और नशे में मदहोश होकर झूमते रहे । सिर्फ होटलों नहीं बल्कि रेस्टोरेंटो, ढाबों और क्लबों में भी नशे की पार्टी आयोजित की जाती है। वहां चोरी छिपे शराब पिलाने के साथ अफीम-डोडा और गांजा भी उपलब्ध कराया जाता है। ढाबे में ज्यादातर ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग या बड़ी गाडिय़ां चलाने वाले आते हैं। घरों से बाहर रहकर पढऩे वाले भी कई छात्र-छात्राएं अक्सर ढाबे में नशा करने ही पहुंचते है। नशे के सौदागर भी युवतियों में नशे का ट्रेंड देखकर ही अफीम, ड्रग्स बेचने के लिए महिलाओं और युवतियों का सहारा लेते है।
युवाओं का फेवरेट नशा ड्रग्स: रायपुर शहर में युवाओं का सबसे फेवरेट नशा ड्रग्स है। इसे कोक के नाम से भी जाना जाता हैं। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि एक ग्राम कोक की कीमत 6 से 7 हजार रुपए है। मुंबई से नागपुर, नागपुर से जबलपुर, जबलपुर से रायपुर कोक लाने के लिए नशे के सौदागर लंबे पहुंच लगाते है। और शहर में नशा पहुंच जाता है तो पुलिस के बनाये अभियान को ठेंगा दिखाकर खुलेआम अपना कारोबार चलाते है। अब ड्रग्स में भी आधा टैल्कम पावडर मिलाकर दे दिया जाता है। जिससे नशा तो असली हो जाता है मगर नशे का सामान रहता नकली है। युवाओं में ड्रग्स का नशा ऐसे चढ़ता है कि युवा यूं ही झूमता रहता है। कोक को नाक के जरिए लेते हैं खाते भी हैं आम तौर पर कोक का नशा आधे घंटे तक ही रहता है। इसीलिए कोक के लती हर थोड़ी-थोड़ी देर के बाद कोक लेते रहते हैं एक बार जिसे कोक की लत लग गई, फिर छोडऩा भारी पड़ता है। युवाओं का चहेता ड्रग्स कोक इसलिए भी है क्योंकि ये वजऩ कम करता है। नींद उड़ाता है। चेहरे पे चमक लाता है और ऊर्जा देता है।
