साल 2020 में सैकड़ों ऐप्स हुए बैन, PUBG हो या TikTok, सभी पर लगा प्रतिबंध

भारत और चीन के बीच कुछ महीनों पहले सीमा पर विवाद शुरू हुआ था, जिसके बाद एक हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे. इसके जवाब में भारत सरकार द्वारा एक एक करके भारतीय बाजार से चीन के अधिकतर प्रसिद्ध मोबाइल ऐप्स को हमेशा के लिए हटा दिया गया. भारत सरकार द्वारा 3 चरणों में इन ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया गया. ऐसे में चीनी सरकार व चीनी कंपनियों अरबों रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ा है. ऐसे कई मोबाइल ऐप्स व गेमिंग ऐप्स थे, जो भारत में काफी प्रचलित थे.

एक अधिकारिक बयान में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ये मोबाइल ऐप्स भारत की संप्रुभता और अखंडता के लिए घातक हैं. साथ ही ये ऐप्स भारत की सुरक्षा, राज्य और सार्वजनिक व्यवस्था की सुरक्षा के लिए भी घातक हैं. इन मोबाइल ऐप्स को सूचना प्रोद्योगिकी ऐक्ट के सेक्शन 69 (क) के तहत प्रतिबंधित किया जाता है. बता दें कि यह बयान सरकार की तरफ से तब आया था जब पहली बार चीन द्वारा निर्मित मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया था. इसी दौरान सरकार की तरफ से कहा गया कि अगली दो सूचियां जल्द ही आएंगी.

बता दें कि 29 जून 2020 को भारत सरकार ने TikTok, ShareIt, UC Browser, Shein, Likee और CamScanner जैसे 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था. दूसरी सूची 5 सितंबर को आई जिसमें 118 मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया जिनमे PUBG और PUBG Mobile Lite गेम था. साथ ही कुछ अन्य ऐप्स को बैन किया गया जैसे WeChat साथ ही उन VPN ऐप्स को प्रतिबंधित किया गया जो TikTok को इस्तेमाल करने देने में मदद करती थीं.

भारत सरकार द्वारा तीसरी सूची 24 नवंबर 2020 को जारी की गई. इस दौरान कुल 43 मोबाइल ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया गया. इन ऐप्स में कई बड़ी e-Commerce कंपनियों के ऐप्स भी शामिल थे. इन ऐप्स में AliExpress, delivery and Logistics service LalaMove, Snack Video जैसे ऐप्स थे. इन ऐप्स को भी सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया. अब इन मोबाइल ऐप्स को भारत में किसी भी नेटवर्क पर डाउनलोड या इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

यही नहीं सोशल मीडिया जैसे ट्विटर और फेसबुक पर आए दिन BanChineseapps जेसे ट्रेंड्स आए दिन ट्रेंड किया करते थे. साथ ही कई लोग इन मांगों के साथ सड़को पर भी उतरे. भारत सरकार ने काफी पहले चीन को इस बाबत चेतावनी दे दी थी कि चीन को गलवान घाटी में हुए हिंसा का हिसाब चुकाना होगा.

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