ऐसे समय पर जब किसान आंदोलन जारी है और संपूर्ण विपक्ष उनका समर्थन कर रहा है, सरकार द्वारा हठधर्मिता अपनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यही नहीं इससे देश के लाखों किसानों को यह संदेश जा रहा है कि सरकार की प्राथमिकता में उनका कोई स्थान नहीं है और इसके बजाय सरकार सेन्ट्रल विस्टा परियोजना पर ध्यान दे रही है जिसकी लागत 20 हजार करोड़ रूपए से अधिक है तथा जिसका उद्देश्य संसद, केन्द्रीय सचिवालय के नए भवनों तथा प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के लिए नए आवास का निर्माण करना है।
कौन करेगा गरीबों और किसानों की चिंता…
